वृक्ष रक्षा दिवस के रूप में मनाया गया रक्षा बंधन का त्योहार

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नालंदा ( राम विलास )। सावन पूर्णिमा को सर्वत्र रक्षा बंधन की धूम मची है। एक तरफ बहनों ने भाइयों के कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांध कर दीर्घायु होने की कामना की। वहीं दूसरी तरफ संस्कृति और पर्यावरण प्रेमियों ने वृक्षों को राखी बांध कर उसकी रक्षा करने का संकल्प लिया।

मगध सम्राट बिंबिसार द्वारा भगवान बुद्ध को दान दिए गए राजगीर के वेणुवन में पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा पेड़ों को राखी बांधने का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर नालंदा के डीएफओ डॉक्टर नेशामणि के, राजगीर के पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार, राजगीर नगर पंचायत की मुख्य पार्षद उर्मिला देवी समेत दर्जनों लोगों ने पेड़ों को राखी बांधकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डीएफओ डॉक्टर नेशामणि के ने कहा कि पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा ” वृक्ष रक्षा दिवस” के रूप में ‘रक्षाबंधन’ का त्योहार मना गया । राजगीर के ऐतिहासिक वेणुवन में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया।

इसी प्रकार बिहारशरीफ के सुभाष पार्क और हिलसा के अनुमंडलीय कोर्ट में वृक्ष रक्षा दिवस का आयोजन किया गया। इसमें पदाधिकारियों और आम लोगों के द्वारा वृक्षों को राखी बांधा गया और उसकी सुरक्षा का संकल्प लिया गया ।

इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी डा नेशामणि के ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित है, तभी जीव जंतु और प्राणियों के जीवन सुरक्षित हैं । पर्यावरण की सुरक्षा बिना सब बेकार है । पेड़ पौधे नहीं रहेंगे तो वर्षा भी नहीं होगी। हरियाली भी नहीं रहेगी। पेड़ पौधे नहीं रहेंगे तो आक्सीजन भी नहीं बनेगा। ऑक्सीजन के बिना प्राणियों को जीवित रहना भी संभव नहीं होगा। इसलिए हर हाल में अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और उनकी रक्षा करें।

उन्होंने बताया कि नालंदा वन प्रमंडल ने इस वर्ष 45,500 नये पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से अब तक 500 पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कृषि वानिकी योजना के तहत नालंदा जिले में एक लाख 60 हजार नया पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित है। इनमें से 60 हजार पौधों का रोपण किसानों के द्वारा किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि जिले के किसानों द्वारा सागवान, महोगनी, गम्हार और शीशम आदि के पौधे लगाये जा रहे हैं। किसानों द्वारा अपनी जमीन पर पेड़ों को लगाने और तीन साल तक उनकी सुरक्षा करने के एवज में पर्यावरण एवं वन विभाग पहले व दूसरे साल 10-10 हजार रुपये और तीसरे साल 15 हजार रुपये भुगतान करता है। यानी 3 साल में कुल 35 हजार रूपये पेड़ को बचाने के लिए किसानों को भुगतान का सरकारी प्रावधान है ।

पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जल – जंगल और जमीन तो बचानी ही है धरती को हरा भरा रखने के लिए पेड़ पौधों का रोपण भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि वह अपने घर में बेटा – बेटी के जन्म और जन्मदिन पर एक पौधा का रोपण जरूर करें। इसके साथ ही वैवाहिक कार्यक्रमों के मौके पर भी नवदंपत्ति के द्वारा एक – एक वृक्ष का रोपण करना चाहिए। माता – पिता एवं अन्य परिजन के मृत्यु उपरांत उनकी स्मृति में भी पेड़ लगाए जाएं तो हरियाली मिशन को पंख लग सकते हैं । बिजली – पानी के दुरुपयोग को बंद करने की नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि पॉलिथीन पर्यावरण का दुश्मन है । इसका सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।

डीएसपी ने वृक्ष रक्षा दिवस के मौके पर बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाने, वृक्ष बचाने और पर्यावरण की रक्षा करने की संकल्प लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राजगीर नगर पंचायत की मुख्य पार्षद उर्मिला देवी ने कहा कि राजगीर के जंगलों की हरियाली को बचाने के लिए जंगलों की हो रही अवैध कटाई पर रोक लगानी चाहिए। राजगीर की पहाड़ियों पर, जंगलों में, स्कूल-कॉलेज, थाना और पंचायत सरकार भवन परिसर की जमीन पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है।

इस अवसर पर वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, डॉक्टर चंद्रमणि, वनपाल और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

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