रिश्वतखोर सीओ को लेकर लामबंद सरकारी बाबूओं के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज / मुकेश भारतीय । बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले में भ्रष्टाचार को लेकर जो नया खेल शुरु हुआ है, वह सरकार की सुशासन और जीरो टॉलरेंस की नीति  के लिये काफी घातक है। सरकार और प्रशासन को इस मामले में तत्काल सख्ती बरतने की जरुरत है।

निगरानी विभाग की गिरफ्त में रंगे हाथ दबोचे गये हिलसा सीओ सुबोध कुमार….

बीते कल हिलसा अंचल के सीओ सुबोध कुमार को निगरानी विभाग ने एक महिला से बीस हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ दबोचा। निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई नगरनौसा थाना के खिरु विगहा विशुनपुर गांव की महिला रिंकु देवी की पुष्ट शिकायत पर की थी।

रिंकू देवी की शिकायत थी कि जमीन की दाखिल-खारिज के लिए हिलसा सीओ  ने 30 हजार रुपये की डिमांड की थी। काफी विनती के बाद 20 हजार रुपये में मामला सेटलमेंट हुआ था।

इसके विरोध में अनुमंडल के प्रायः सभी प्रखंड-अंचल कार्यालयों के कर्मी एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। इनका आरोप है कि सीओ सुबोध कुमार को निगरानी विभाग ने बलपूर्वक गलत तरीके उनके कक्ष में टेबल पर रुपये फेंक कर पकड़ा है। इसका विरोध करने पर निगरानी विभाग के अधिकारियों ने गाली गलौज एवं मारपीट करते हुए उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया और लेकर चले गये। इसके बाद प्रखंड-अंचल के अफसर-कर्मियों ने हिलसा के एसडीओ सृष्टि राज सिन्हा को वर्णित ज्ञापन सौंपा।

हिलसा सीओ के रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचे जाने के बाद हिलसा प्रखंड-अंचल के एकजुट कर्मचारी……

हद तो तब हो गई, जब रिश्वत रंगे हाथ दबोचे गये एक सीओ के समर्थन में करायरसुराय के सीओ अरुण कुमार,  परबलपुर के सीओ रोहित कुमार, थरथरी के सीओ सुक्रांत राउत, नगरनौसा के सीओ कुमार विमल प्रकाश, एकंगरसराय के सीओ नवल कांत, इसलामपुर के सीओ विजय कुमार, हिलसा के बीडीओ डा. अजय कुमार, करायपरसुराय के बीडीओ प्रेम राज, परबलपुर के बीडीओ सुरेन्द्र कुमार, थरथरी के बीडीओ तरुण कुमार, नगरनौसा के बीडीओ अरविन्द्र कुमार सिंह, चंडी के बीडीओ विशाल आनंद, एकंगरसरय के बीडीओ मनोज कुमार पंडित, इस्लामपुर के बीडीओ राजेश प्रियदर्शी, अंचल कर्मी संजीव कुमार सिन्हा, विनोद कुमार, लक्ष्मीकांत, शशिभूषण पांडेय, सूर्यमणि कुमार, रामानंद प्रसाद, उपेन्द्र कुमार, विन्देश्वर प्रसाद, विनोदानंद विनोद आदि लोग बिहारशरीफ मुख्यालय तक हल्ला-हंगामा करने लगे।

हिलसा सीओ सुबोध कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ धराने के बाद बिहारशरीफ समाहरणालय भवन के सामने एकजूट सीओ-बीडीओ समेत अन्य सरकारी बाबू…..

वेशक यह सब भ्रष्टाचार के समर्थन की एकजुटता है। नालंदा जिले के प्रायः सभी प्रखंड-अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उनमें कौन कहां और कब नप जाये, कहा नहीं जा सकता। कोई भी सरकारी योजना हो, बिना चढ़ावा कहीं कुछ नहीं होता। जमीन रजिस्ट्री के बाद उसका म्यूटेशन में तो अंचल के बाबूओं की लॉटरी खुल जाती है। कितने भी नाक रगड़ते रहिये, अपनी एड़ियां घिसते रहिये। बिना नजराना के कुछ होने वाला नहीं है। अगर ईच्छित चढ़ावा चढ़ा दिये तो गलत भी सही हो जायेगा।

सबसे अजीब बात है कि अब भ्रष्टाचार को लेकर रंगे हाथ पकड़े जाने वाले सरकारी बाबू लोग भी राजनीतिक शाजिश की बात करने लगें हैं।

रिश्वत लेते रंगे हाथ धराये हिलसा सीओ के बारे में रोचक जानकारी यह भी मिली है कि वे कभी भी अपने कार्यालय में नहीं बैठते थे। वे अमुमन आरटीपीएस कार्यालय में कुर्सी जमा कार्य करने के आदी थे। आश्चर्य की बात है कि हिलसा जैसे प्रखंड-अंचल कार्यालयों में प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाये गये हैं। अगर लगा होता तो सारा सच यूं ही सामने आ जाता।

हिलसा सीओ के रंगे हाथ रिश्वत लेते धराने के बाद हिलसा एसडीओ सृष्टि राज सिन्हा को ज्ञापन देते हिलसा अंचल के सरकारी बाबू लोग……

जबकि हिलसा में सीओ सुबोध कुमार के निगरानी के हत्थे चढ़ने के पहले आठ अफसर एवं कर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। सीओ सुबोध कुमार निगरानी के हत्थे चढ़ने वाले नौवें अधिकारी एवं हिलसा अंचल के तीसरे सीओ हैं।

बीते महीने ही हिलसा अवस्थित स्थानीय अभियंत्रण संगठन कार्यालय में कार्यरत कनीय अभियंता राजकुमार को निगरानी की टीम ने एक लाख बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

इसके पहले निगरानी टीम के हत्थे चढ़ने वालों में दो अवर निबंधन पदाधिकारी, दो अंचलाधिकारी, एक प्रख्ंड शिक्षा पदाधिकारी, एक जमादार एवं एक राजस्व कर्मचारी शामिल हैं।

1990 के दशक में अवर निबंधन पदाधिकारी दद्दन राम निगरानी के हत्थे चढ़ने वाले पहले अधिकारी थे। वही अवर निबंधन पदाधिकारी रामप्रवेश चौहान भी पकड़े गए थे।

हिलसा अंचल कार्यालय में कार्यरत अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार एवं राजबर्धन गुप्ता तथा राजस्व कर्मचारी सुरेश प्रसाद को निगरानी ने अलग-अलग बर्षों में पकड़ा था।

सबसे दिलचस्प गिरफ्तारी में निगरानी विभाग की टीम ने हिलसा में थरथरी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विरेन्द्र कुमार को हिलसा  नगर के बीच सड़क पर ही घूस लेते धर दबोचा था। वहीं हिलसा थाना में पदस्थापित जमादार उमाशंकर द्विवेदी को भी निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

बहरहाल, सबाल वर्तमान नीतीश सरकार की क्रप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति की नाक का है। भ्रष्टाचार में संलिप्त बाबू लोग जब ऐसे ही गोलबंद होकर हंगामा करने लगे तो एंटी क्रप्शन वालों को भी काम करने में काफी परेशानी होगी। जो कि आने वाले दिनों में काफी खतरनाक शक्ल अख्तियार कर सकती है।

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