रामविलास के चिराग के खिलाफ दलित महाबली उतारने की तैयारी

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“वर्ष 2009 में अस्तित्व में आए इस सीट से जदयू के भुदेव चौधरी सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे। जबकि 2014 में लोजपा सुप्रीमो रामबिलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान राजनीति में पहली बार एंट्री लगाते हुए जीत दर्ज करते हुए सांसद चुने गए हैं…”

जमुई (प्रशांत किशोर)। बिहार में एनडीए के अंदर बीजेपी जदयू और लोजपा के बीच सीटों का बंटवारा हो गया है। यहां बीजेपी 17 जदयू 17 तथा लोजपा 06 सीट पर चुनाव लड़ने के निर्णय का घोषणा किया गया है।

लोकसभा चुनाव 2019 की जमुई लोकसभा क्षेत्र एक बार फिर हॉट सीट रहने वाली है क्योंकि एक बार फिर यहां से सिटिंग और युवा सांसद चिराग पासवान ही एनडीए की ओर से उम्मीदवार होंगे। इसकी घोषणा के साथ सारी तैयारी हो गई है। एनडीए में इस सीट को लेकर कोई विवाद नहीं है।

जमुई लोकसभा सीट से चिराग पासवान ही उम्मीदवार होंगे। इसके विपरीत महागठबंधन में कई दावेदार हैं जो अपनी दावेदारी पेश करने में लगे हुए हैं।

यह सीट महागठबंधन के कौन सी पार्टी के खाते में जाएगी, अभी यह तय नहीं हुई है। महागठबंधन में शामिल पार्टी की ओर से दावेदार नेताजी अपनी जुगत जुटाने में भिड़े हुए हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा परिसीमन के आधार पर 2009 में फिर से जमुई लोकसभा आरक्षित सीट के रूप में अस्तित्व में आया।

2009 में इस सीट से जदयू के भुदेव चौधरी सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे। उनके खिलाफ राजद के श्‍याम रजक और कांग्रेस के अशोक चौधरी उम्मीदवार थे। जबकि 2014 में लोजपा सुप्रीमो रामबिलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान राजनीति में पहली बार एंट्री लगाते हुए जीत दर्ज करते हुए सांसद चुने गए थे।

लोजपा से चिराग पासवान के खिलाफ जदयू के उदय नारायण चौधरी और राजद के सुधांशु शेखर भास्कर मैदान में थे। इस लोकसभा चुनाव में लोजपा के चिराग पासवान को  38 प्रतिशत मत, जबकि राजद के सुधांशु शेखर और जदयू के उदयनारायण चौधरी को 26-26 प्रतिशत मत प्राप्त हुआ था।

2019 के चुनाव में विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी शरद यादव की लोकतांत्रिक जनता दल पार्टी के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं।जमूई जिले के बिभिन्न इलाको में जाकर अपने राजनीतिक सहयोगियों से जमुई सीट से अपनी उम्मीदवारी के लिए संपर्क कर रहे हैं।

जमुई जिले के सिकंदरा से कांग्रेस के विधायक सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी भी कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। बंटी चौधरी काँग्रेस पार्टी संगठन में प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के बीच जीत का विश्वास दिलाकर अपनी दावेदारी को पक्का करने में जुटे हुए हैं।

हालांकि जमूई लोकसभा से बंटी चौधरी के पक्ष में स्थानीय होना एक सकारात्मक पक्ष माना जा रहा है। राजद की ओर सुधांशु शेखर भी अपनी दावेदारी के लिए फिर से पार्टी में जोर आजमाइश में लग गए हैं।

जमूई में राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे है। महागठबंधन में रालोसपा के शामिल होने बाद जमूई से पूर्व सांसद तथा रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष भुदेव चौधरी के दिल मे भी हिलोरें मारने लगी है। क्षेत्र में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के बीच अपनी गतिविधियों को तेज कर पार्टी में इस सीट को लेकर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

इसके अलावे राजनीति के मैदान में पहली बार दांव आजमाने के लिए तैयार एनडीए की ओर से नहीं टिकट नहीं मिलने की स्थिति में पान महासभा के राष्ट्रीय युवाध्यक्ष और जमुई जिले वासी  आई पी गुप्ता भी महागठबंधन से प्रत्याशी के रूप में उतरने के लिए प्रयास में लगे हुए हैं।

एनडीए की ओर से जोश और ऊर्जा से लवरेज राष्ट्रीय स्तर पर दलित नेता के रूप में उभरते चिराग पासवान की उम्मीदवारी लगभग पक्की है। लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के बेटे सिटिंग सांसद चिराग पासवान को पटकनी देने के लिए महागठबंधन के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दलित महाबली की खोज की जा रही है।

कुल मिलाकर चिराग के खिलाफ ठोंक बजाकर हर हाल जीत सुनिश्चित करने वाले उम्मीदवार को उतारने की तैयारी में महागठबंधन लगी हुई है। एनडीए की ओर से इस सीट को बरकरार रखने की जोरआजमाइश तो इस सीट को महागठबंधन के द्वारा जीत को पक्का करने की कवायद की जा रही है।

आगे जो भी हो दोनों गठबंधन की ओर से प्रतिष्ठा की सीट मानने से आगामी 2019 चुनाव में जमूई लोकसभा क्षेत्र एक बार फिर से हॉट सीट बना रहेगा।

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