यूपी-बिहार का कुख्यात एके 47 धारी मोस्ट वाण्टेड पप्पू श्रीवास्तव धराया

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। एसटीएफ, उप्र को गोपालगंज, बिहार के सक्रिय माफिया सतीश पाण्डेय गैंग के दुर्दान्त शूटर पप्पू श्रीवास्तव को लखनऊ से दबोचने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

पप्पू श्रीवास्तव उर्फ संजीत कुमार श्रीवास्तव उर्फ रंजीत रंजन श्रीवास्तव उर्फ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव पुत्र स्व. कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव, तिवारी मटिहनियाँ, थाना विशम्भरपुर, गोपालगंज, बिहार का निवासी है।

एसटीएफ उत्तर प्रदेश को विगत काफी दिनों से सीमावर्ती प्रदेशों के वांछित अपराधियों के फरारी के दौरान उत्तर प्रदेश में छिपे होने की सूचनाऐं प्राप्त हो रहीं थीं।

इस सम्बन्ध में श्री अभिषेक सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, उप्र लखनऊ, द्वारा एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।

इसी क्रम में डा. अरविन्द चतुर्वेदी, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ के निर्देशन में एक टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी तथा अभिसूचना तन्त्र को सक्रिय किया गया।

अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि गोपालगंज, बिहार का फरार अपराधी पप्पू श्रीवास्तव पूर्वी उप्र में अपने पूर्व आपराधिक सहयोगियों के साथ सक्रिय है।

डा. चतुर्वेदी ने बिहार पुलिस के विभिन्न अधिकारियों से सम्पर्क करते हुए पप्पू उपरोक्त के आपराधिक इतिहास, उत्तर प्रदेश में उसके गैंग के सदस्यों और उसकी वर्तमान गतिविधि के सम्बन्ध में सूचनाऐं एकत्र कीं।

इस दौरान ज्ञात हुआ कि पप्पू उपरोक्त बिहार के दुर्दान्त माफियागण सतीश पाण्डेय और राजन तिवारी के लिए शूटर का काम करता रहा है, जिसने इन माफियाओं द्वारा उपलब्ध करायी गयी ए0के0 47 से भी कई घटनायें की हैं।

इन घटनाओं के दौरान गोपालगंज और सीवान में गम्भीर कानून-व्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है।

उपलब्ध सूचना को विकसित करने के लिए निरीक्षक श्री राजेश चन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम गठित की गयी, जिसने गोपालगंज, देवरिया, गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक पप्पू उपरोक्त के आपराधिक सम्पर्कों एंव गतिविधियों की निकट निगरानी की।

इस दौरान ज्ञात हुआ कि वह गोरखपुर के कतिपय उन माफियाओं के सम्पर्क में है, जो माफिया सतीश पाण्डेय के लिए भी पूर्व में काम कर चुके हैं और उसके साथ मुकदमों में फाईली भी हैं।

सूचना पर्याप्त विकसित हो जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, गोपालगंज से सम्पर्क कर एक ऐसी टीम भेजने का अनुरोध किया गया, जिसे पप्पू उपरोक्त के अपराधों के सम्बन्ध में अच्छी जानकारी हो।

एसटीएफ एवं जनपद गोपालगंज, बिहार की पुलिस टीम द्वारा पप्पू श्रीवास्तव उपरोक्त को थाना चिनहट, लखनऊ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ पर पप्पू श्रीवास्तव ने बताया कि वह वर्ष 1993 में चीनी से लदी हुई ट्रक की लूट में पहली बार जेल गया था। इसके बाद अपने गाँव के स्थानीय थाने विशम्भरपुर में गुटबन्दी सम्बंधी हुई मारपीट और हत्या के प्रयास में सक्रिय रूप से शामिल होने पर उसका नाम एक उभरते हुए अपराधी के रूप में चर्चित हो गया

इसी दौरान जमानत कराने और रोजमर्रे का खर्चा दे कर गोपालगंज के माफिया अपराधी सतीश पाण्डेय ने उसे अपने लिए काम करने को तैयार कर लिया। अरविन्द ओझा उस समय सतीश पाण्डेय का सबसे विश्वसनीय व्यक्ति हुआ करता था। उसने पप्पू श्रीवास्तव को सतीश पाण्डेय के लिए आपराधिक काम करने वाले कोर गु्रप में शामिल कर लिया।

पप्पू ने आगे बताया कि वर्ष 2002 में पहली बार उसने एके 47 से फायर करते हुए अनिल राय की हत्या की थी, जिससे सतीश पाण्डेय का ठेकेदारी सम्बन्धी विवाद था। दिनांक 26-12-2005 को थाना गोपालपुर जनपद गोपालगंज में ठेकेदार जेपी यादव की हत्या के लिए एक बार फिर एके 47 का इस्तेमाल किया।

यह घटना इतनी लोमहर्षक थी, कि तत्कालीन रेल मंत्री स्वंय मौके पर आये थे। इसी दिन अपने साथियों अजय सिंह, आशुतोष राय और पिन्टू राय के साथ जेपी यादव की हत्या करने के बाद लौटते समय रास्ते में इत्तेफाक से नवल तिवारी दिख गया, जिससे पप्पू की पुरानी रंजिश थी। सही मौका देखकर पप्पू ने नवल तिवारी की भी रिवाल्वर से हत्या कर दी गयी, जबकि उसकी पीठ पर टंगे बैग में एके 47 मौजूद थी। इसके बाद एके 47 से एक बार फिर बृजेश राय की हत्या पप्पू उपरोक्त ने कर डाली।

पप्पू श्रीवास्तव ने बताया कि राजन तिवारी ने झारखण्ड से अपने सम्पर्की के माध्यम से एक एके-47  3 लाख रूपये मे खरीदी थी, जिसको लाने के लिए वह जीप से गया था और लौटते समय थाना जगदीशपुर जनपद आरा में एके-47 सहित पकड़ा गया और राजीव रंजन के गलत नाम से जेल चला गया।

राजन तिवारी के गैंग सदस्यों विकास तिवारी और गौतम राय के साथ उसने थाना साक्ची जनपद जमशेदपुर में एक अपहरण किया था, जो बड़ी फिरौती के बाद छोड़ा गया। इस सम्बन्ध में पंजीकृत मुकदमें में वह वांछित चल रहा है।

पप्पू श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2006 में थाना दरौली जनपद सिवान में एक लूट के बाद सतीश पाण्डेय सहित गैंग के लोग भीड़ और पुलिस पार्टी द्वारा घेर लिये गये थे तब उसने सतीश पाण्डेय के कहने पर पुलिस सर्किल इन्सपेक्टर पर एके-47 से फायर किया था, जिसमें मैरवा इन्सपेक्टर योगानन्द सिंह मारे गये थे। इस मुकदमें में भी वह फरार चल रहा है।

वर्ष 2014 में एक बार फिर सतीश पाण्डेय, अमरेन्द्र पाण्डेय (वर्तमान विधायक) और अजय मिश्रा के साथ उसने एके 47 से गोपालगंज के प्रतिष्ठित राजनीतिज्ञ कृष्णा शाही पर हमला किया था, जिसमें वह बच गये थे।

इसके अतिरिक्त भी पप्पू श्रीवास्तव पर हत्या, बलवा जैसी गम्भीर धाराओं के मुकदमें पंजीकृत है, जिनमें वह वांछित चल रहा है। थाना तरया सुजान जनपद कुशीनगर में राजेश तिवारी की हत्या में भी वह वांछित है, जिसकी विवेचना सीबीसीआईडी द्वारा की जा रही है।

पूछताछ पर पप्पू श्रीवास्तव ने बताया कि माफिया सतीश पाण्डेय के पास एक समय 6 एके 47 रायफल्स थी, जो हत्या करने के लिए दी जाती थी। इसी प्रकार राजन तिवारी के पास भी कई एके-47 रायफलें थीं।

थाना विशम्भरपुर जनपद गोपालगंज, बिहार पर पप्पू श्रीवास्तव की हिस्ट्रीशीट संख्याः ए-99 खुली हुई है, जिसमें उसके सक्रिय अपराधी होने और क्षेत्र में उससे आतंक व्याप्त होने का तथ्य अंकित है।

उल्लेखनीय है कि लगभग 12 से अधिक गम्भीर अपराधों वांछित पप्पू श्रीवास्तव को कभी भी उसकी जनपदीय पुलिस गिरफ्तार नही कर सकी। यहाँ तक कि जनपद रिकार्ड में उसकी कोई फोटो भी उपलब्ध नही थी।

अभियुक्त को थाना चिनहट में दाखिल कर सम्बंधित न्यायालय से ट्रांजिट रिमाण्ड प्राप्त कर गोपालगंज पुलिस टीम द्वारा सक्षम न्यायालय के सामने प्रस्तुत करने की कार्यवाही की जायेगी।

पप्पू श्रीवास्तव उर्फ संजीत कुमार श्रीवास्तव उर्फ रंजीत रंजन श्रीवास्तव उर्फ प्रमोद कुमार श्रीवास्तव का अपराधिक इतिहास

क्रसं   मुअसं/धारा     थाना व जनपद

  1. 1- 10/1993 धारा 394 भादवि थाना मोम्मदपुर, गोपालगंज, बिहार
  2. 2- 19/1993 धारा 307/324/323 भादवि थाना विशम्भपुर, गोपालगंज, बिहार
  3. 3- 31/2002 धारा 302/341 भादवि थाना गोपालपुर, गोपालगंज, बिहार
  4. 4- 99/2005 धारा 302/120बी/34 भादवि थाना विशम्भपुर, गोपालगंज, बिहार
  5. 5- 64/2005 धारा 307/302/147/148/149 भादवि थाना गोपालपुर, गोपालगंज, बिहार
  6. 6- 106/2004 धारा 25(1) आर्म्स एक्ट थाना जगदीशपुर जनपद आरा, बिहार
  7. 7- 8/2006 धारा 341/323/324/326/307/302/
  8. 394/353 भादवि थाना दरौली जनपद सिवान, बिहार
  9. 8- 183/2005 धारा 364 ए भादिव थाना साक्षी जनपद जमशेदपुर, झारखण्ड
  10. 9- 9/2006 धारा 392 भादवि थाना दरौली जनपद सिवान, बिहार
  11. 10- 2068/2008 धारा 302 भादवि थाना तरया सुजान, जनपद कुशीनगर
  12. 11- /2010 धारा 302 भादवि थाना गोपालगंज, टाऊन जनपद गोपालगंज, बिहार
  13. 12- 93/2014 धारा 148/307/427/120 बी भादवि थाना मीरगंज, गोपालगंज, बिहार

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