मिड डे मिल मामले में एचएम, एमडीएम प्रभारी और संवेदक पर एफआईआर

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“हिरासत में लिए गए ट्रैक्टर चालक तथा मजदूरों को पीआ बॉन्ड पर मुक्त कर दिया गया। अनुसंधान के दौरान जिन-जिन लोगों की संलिप्ता उजागर होगी उसे अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया जाएगा।”

हिलसा के मिडिल स्कूल के गोदाम से निकाला गया था चावल……..

हिलसा। (चन्द्रकांत)। नालंदा जिले में मिड-डे-मिल योजना के चावल की कालाबाजारी करने के आरोप में हेडमास्टरनी समेत तीन लोगों के खिलाफ हिलसा थाना में एफआईआर कराई गई है। जबकि इस मामले में हिरासत में लिए गए ड्राइवर और लेवर को पुलिस ने पीआर बॉन्ड पर पर मुक्त कर दी।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) विनोद कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर हिलसा मध्य विद्यालय के हेडमास्टरनी सुशीला कुमारी सिन्हा, मध्याह्न भोजन प्रभारी (एमडीएम) मनोज मालाकार तथा संवेदक ओम प्रकाश को अभियुक्त बनाया गया।

थानाध्यक्ष रत्न किशोर झा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की गहराई से छानबीन शुरु कर दी गई। इस मामले में पूछाताछ के लिए हिरासत में लिए गए ट्रैक्टर चालक तथा मजदूरों को पीआ बॉन्ड पर मुक्त कर दिया गया। अनुसंधान के दौरान जिन-जिन लोगों की संलिप्ता उजागर होगी उसे अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया जाएगा।

मालूम हो कि मंगलवार को हिलसा थाना पुलिस शहर स्थित मध्य विद्यालय के निकट ट्रैक्टर पर कालाबाजारी के लिए मिड-डे-मिल के चावल लादे जाने की गुप्त सूचना मिली थी।

प्रारंभिक जांच में मामला संदेहास्पद पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को पुलिस द्वारा सूचना देते हुए तत्काल इक्कीस बोरा चावल लदा टै्रक्टर का जप्त कर लिया गया था। साथ ही ड्राइवर और लेवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी।

प्रारंभिक जांच में यह यह खुलासा हुआ कि शहर स्थित मध्य विद्यालय के भंडार में मिड-डे-मिल का तैंतीस बोरा चावल कालाबाजारी के लिए अवैध रुप से रखा गया।

इस मामले में स्कूल की हेडमास्टरनी सुशीला कुमारी सिन्हा, एमडीएम प्रभारी मनोज मालाकर और संवेदक ओम प्रकाश की संलिप्तता पायी गयी।

बहराहल इस मामले में दोषी और निर्दोष कौन और कौन पर्दे के पीछे से बच्चों का निबाला निगल रहा था? इसका खुलासा पुलिस अनुसंधान पूर्ण होने पर ही पता चलेगा।

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