बिहार शरीफ महापौर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज़

इस अविश्वास प्रस्ताव में कुल 30 पार्षदों ने हिस्सा  लिया। जिनमे 28 गिराने के पक्ष में जबकि 2 ने नहीं गिराने के पक्ष में वोट डाला। विपक्ष यानी फूल कुमारी के 17 वार्ड पार्षदों में से कोई सदस्य शामिल नहीं हुए ……..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (दीपक विश्वकर्मा)।  आज बिहार शरीफ नगर निगम की महापौर के खिलाफ 28 वार्ड पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ में, जबकि दो पार्षदों ने समर्थन में वोटिंग किया। जिसके बाद महापौर के ऊपर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया।

नगर निगम के इस सियासी दांव पेंच में मंत्री, पूर्व विधायक और पूर्व विधान पार्षद शामिल खुले तौर पर सामने दिखे।

इसके पूर्व उप महापौर फूल कुमारी के खिलाफ 3 जुलाई को 27 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव ला कर उन्हें कुर्सी से बेदखल कर दिया।

आज के अविश्वास प्रस्ताव का सबसे रोचक पहलू यह है कि उन्हीं वार्ड पार्षदों ने अविश्वास लाया, जिन्होंने उप मेयर के खिलाफ अविश्वास लाया था।

आज अपर समाहर्ता नौशाद आलम की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव की करवाई शुरू हुई। जिसकी अध्यक्षता वार्ड पार्षद दिलीप कुमार के द्वारा किया गया ।

हालांकि इस प्रकरण पर विपक्ष यानी फूल कुमारी के 17 वार्ड पार्षदों में से एक भी सदस्य आज की बैठक में शामिल नही हुए । सभी लोग फूल कुमारी के चैम्बर में बैठे रहे।

अब 24 जुलाई को उप महापौर का चुनाव निर्धारित है। महापौर के सियासी खेल खत्म हो जाने के बाद अब सभी की निगाहें उप महापौर के चुनाव पर टिकी है।

उप महापौर की कुर्सी के लिए दोनों गुटों के लोग साम दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभी भी हॉर्स ट्रेडिंग का बाजार गर्म है।

लोग अपने-अपने पक्ष के पार्षदों को बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल की सैर कराते रहे। यही नहीं अधिकांश के मोबाइल भी जप्त कर लिए गए।

कल ही कुछ वार्ड पार्षदों को रांची से पावापुरी के होटल अभिलाषा लाया गया, जहां मंत्री श्रवण कुमार, पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील और पूर्व विधान पार्षद राजू यादव की उपस्थिति में इस खेल की राजनीति को अंजाम दिया गया।

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