बिहार शरीफ बाजार समिति में अराजकता जारी, जिम्मेवार कौन? बताईए सरकार

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“बिहार शरीफ बाजार समिति का मुद्दा इन दिनों सुर्खियों में हैं। फेसबुक से लेकर ट्वीटर तक कमेंट किये जा रहे हैं और इसमें स्मार्ट सिटी का हवाला दिया जा रहा है। लोगो का कमेंट लाजमी है। चुकि मुद्दा बड़ा है।  हम आपको बाजार समिति की हकीकत बताने जा रहे हैं, फैसला आपको लेना है कि इसमें सरकार कितनी दोषी हैं और उनके हुक्मरान कितने…..”

बिहार शरीफ से दीपक विश्वकर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। नालंदा जिला मुख्यालय स्थित बिहार शरीफ बाजार समिति का विकास कृषि विभाग के चक्कर में रुक गया है। जिसके कारण बाजार समिति में वर्षो से गन्दगी का अम्बार लगा है। बारिश के मौसम में तो यहां लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।

यही नहीं कई दुकानदारों ने बाजार समिति में अवैध कव्जा भी जमा लिया है। जगह-जगह कीचड़ और बदबू से लोग परेशान हैं। बाजार समिति का यह आलम आज से नहीं है, बल्कि विगत 20 वर्षों से यही है।

जबकि इस बाजार समिति से सरकार को प्रति माह लाखों रुपए के राजस्व की प्राप्ति होती है।  बावजूद इसके अब तक  यहां के मूलभूत सुविधाओं का ख्याल रखा नहीं जा रहा है।  इस बरसात में न तो इसकी साफ सफाई हो रही है और न ही विकास।

इस कारण यहां के दुकानदार और खरीदार दोनों परेशान हैं।  आलम यह है कि लोग गंदी कीचड़ में घुसकर खरीद-बिक्री करने को लाचार है।

बिहार शरीफ नगर निगम के अधीन नहीं है बाजार समितिः  नगर आयुक्त सौरभ जोरवाल का कहना है कि वर्तमान में बाजार समिति की देख रेख अनुमंडल कार्यालय से होती है। बाज़ार समिति की दुकान से किसी प्रकार का होल्डिंग टैक्स भी निगम को नही दिया जाता है और न ही किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति दी जाती है।

जोरवाल आगे कहते हैं, बाजार समिति के लिए निगम द्वारा 2 करोड़ रुपये के कंपोस्ट प्लांट और नाले की योजना बनाई गई थी और निविदा भी की गई थी। मगर कृषि विभाग द्वारा NOC नही दी गई।

साथ ही जानकारी दी गई कि बाजार समिति में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य कृषि विभाग ही करेगा। जिसके बाद निगम द्वारा निकाली गयी निविदा रद्द कर दी गई है।

कहते हैं अनुमंडल पदाधिकारीः इस बाबत बिहार शरीफ बाजार समिति के अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी जेपी अग्रवाल से पूछे जाने पर उनका कहना है कि बाजार समिति के जीर्णोद्धार के लिए करोड़ों रुपए की योजना का प्रस्ताव सरकार को भेजी जा चुकी है। इस पर मुहर लगने के बाद जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि राजस्व कर्मचारी के कमी के कारण इस बाजार समिति से पिछले डेढ़ वर्षों से राजस्व की वसूली नहीं हो रही है।  

गंदगी के मामले में संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि यहां के आसपास के ड्रेनेज ब्लॉक हो चुके हैं। उनकी जल्द ही सफाई करा दी जाएगी।

बता दें कि यह वादे एक माह पूर्व भी अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा किया गया था, मगर उनके वायदे खोखले साबित हुए। अब आगे देखना है कि उनके इस बार के वादे में कितना दम निकलता है। या फिर बाजार समिति में लोग बेदम होने का सिलसिला जारी रहता है।

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