बदनाम हुआ बिहारः राजगीर में रायपुर के पर्यटकों के साथ खुली गुंडई, पुलिस-प्रशासन संदिग्ध

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राजगीर (नालंदा)। आज गुरुवार  का दिन  भगवान गौतम बुद्ध और भगवान महावीर की पावन धरती नालंदा जिले के  लिये काला दिवस रहा।  अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में पर्यटकों के साथ खुली गुंडागर्दी देखने को मिली। इस बीच स्थानीय पुलिस-प्रशासन की संदिग्धता भी सामने आई।

खबर है कि रायपुर (छत्तीसगढ़) से आये पर्यटकों के साथ तांगा वालों ने कतिपय गुंडों के साथ मिल कर जम कर मारपीट की।

बदमाशों के हुजूम ने बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। गर्भवती महिलाओं को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।

अतिथि देवो भव: की अवधारना के बीच पुलिस-प्रशासन की भूमिका भी शर्मसार करने वाली है।

पर्यटकों की रक्षा के बजाय थाना पुलिस राजगीर के गुंडे-मवालियों के ही साथ देते नजर आये। सारे पर्यटक इतने आहत हैं कि वे भूल से भी बिहार की धरती पर कदम न रखने की बात कर रहे हैं।

वेशक पर्यटकों के साथ जो हुआ, वह राजगीर के मनोरम वादियों के बीच एक काला धब्बा है।

हालांकि स्थानीय पुलिस-प्रशासन की संदिग्ध भूमिका कई सबाल खड़े करते हैं क्योंकि इस तरह की घटनाएं प्रायः देखी जाती है।

फिर भी तांगा वालों और कतिपय गुंडों-मवालियों, जिन्हें नेताओं ने भी अपनी वोट बैंक की राजनीति से विषवेल बना दिया है, उनकी हरकतों में कहीं कोई कमी देखने को नहीं मिलती।

रायपुर से आयी महिला पर्यटक सोनी वर्मा ने आंखों में आंसू एवं शरीर पर जख्म का निशान दिखाते हुई कहती हैं कि “हमलोग सुबह दस बजे के पास राजगीर पहुंचे थे। हमने अपना वाहन को कुंड पर दुर्गा मंदिर के समीप लगाया था। वाहन का पार्किंग शुल्क भी जमा किया गया था।

इसी बीच एक तांगा वाला आकर अपशब्द का प्रयोग करते हुए गाड़ी को हटाने के लिए कहा। हमलोग गाड़ी को हटाने भी लगे लेकिन वे सब गाली गलौज करते हुए हमारे साथ मारपीट करने लगे।“

पीड़ित महिला के अनुसार देखते ही देखते और भी तांगे वाले रस्सी, डंडे एवं चाबुक लेकर पहुंच गये और पर्यटकों के साथ मारपीट करने लगे। इसमें पर्यटक महर्षि वर्मा का सिर फट गया।

इतना ही नहीं,  हद तो तब हो गयी, जब तांगा वालों ने बच्चों समेत गर्भवती महिला पर्यटक के साथ भी मारपीट की।

राजगीर में आये दिन इस तरह की घटनाएं आम हो गयी हैं। तांगा चालकों एवं कतिपय रंगदारों की मनमानी और यात्रियों से मारपीट को लेकर प्रशासन भी शिथिल बना रहता है। कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। शायद इसलिये कि इस तरह की गुंडई में उनकी भी जेब गर्म होती है।

सबसे गंभीर पहलु यह है कि जब पर्यटकों के साथ मारपीट के विरोध में कुछ स्थानीय सभ्य लोग सड़क पर उतरे तो पुलिस ने उनपर ही लाठियां चटकानी शुरु कर दी। वे लोग दोषी तांगे वालों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

खबर लिखने तक (रात्रि 9:15 बजे) राजगीर थाना पुलिस ने पीड़ित पर्यटकों की लिखित शिकायत के बाबजूद मामला दर्ज नहीं किया है। एक-दो लोगों को पूछताछ के बहाने पकड़-धकड़ कर अपना कोरम पूरा करने में जुटी है।  

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