पुरातत्व विभाग की अनुमति के बाद भी राजगीर महोत्सव की बदला स्थान और तारीख

Share Button

“शनिवार से आरंभ होनेवाली राजगीर महोत्सव की सारी तैयारी पूरी होने के बाद एक दिन पूर्व इसकी तारीख और स्थल में परिवर्तन होने से जिला प्रशासन के प्रति कई सवाल खड़ा हो रहा है। आखिर पुरातत्व विभाग ने जब अनुमति दे ही दी थी तो कार्यक्रम स्थल और तारीख बदलना गले नहीं उतर रहा है।”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। शनिवार से ऐतिहासिक किला मैदान में आरंभ होने वाली राजगीर महोत्सव अब 27 से 29 नवम्बर तक चलेगा।राजगीर महोत्सव में सभी कार्यक्रम वहीं रहेंगे सिर्फ स्थल में परिवर्तन किया गया है।

शुक्रवार देर शाम जिला प्रशासन की ओर से राजगीर महोत्सव की तिथि और स्थान परिवर्तन की सूचना दी गई। इससे पहले सीएम के ओएसडी और अन्य अधिकारी महोत्सव स्थल की जांच कर चुके थे।

राजगीर महोत्सव का उद्घाटन सीएम नीतीश कुमार को करना था। लेकिन अब कयास लगाया जा रहा है कि उनका उद्घाटन समारोह में आना शायद ही संभव हो पाएगा ।

बताते चलें कि राजगीर महोत्सव पर पहले से ही पुरातत्व विभाग की तलवार लटक रही थी। जिस किला मैदान को पुरातत्व विभाग अपने संरक्षण में लिए हुए है।उस स्थल पर पिछले कई सालों से राजगीर महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है।

इस बार आयोजन को लेकर पुरातत्व विभाग ने सवाल खड़ा किया। यहाँ तक कि जिला प्रशासन ने भी अनुमति लेना मुनासिब नहीं समझा। जबकि पिछले साल ही इसी स्थान पर विरायतन की ओर से मोरारजी बापू के सत्संग के आयोजन की अनुमति पुरातत्व विभाग ने नहीं दी थी।

जब लाखों-करोड़ों रूपये पानी की तरह बहा कर किला मैदान पर राजगीर महोत्सव की तैयारी शुरू हो चुकी थी।और अंततः विभाग ने भी 11 शर्तों पर महोत्सव की अनुमति दे दी थी तो फिर कार्यक्रम में बदलाव करने की ऐसी क्या नौबत आ गई।

इससे पहले भी राजगीर में ऊर्जा सचिवों की बैठक को लेकर करोड़ों रूपये फूंक दिए गए और ऐन मौके पर कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
राजगीर महोत्सव की तारीख और स्थान में परिवर्तन को कुछ लोग राजनीतिक से जोड़ रहे हैं । जो सर्वथा गलत प्रतीत होता है। यह सब पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की नादानी के प्रतिफल के आलावा कुछ नहीं।

राजगीर महोत्सव 2017 पूर्व के निर्धारित तिथियों के बदले अब 27 से 29 नवंबर के बीच आयोजित होगा………….

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.