नालंदा में भ्रष्टाचारः लोशनि के आदेश के बाद भी नहीं हुई सहायक-पर्यवेक्षक पर कार्रवाई!

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। नालंदा जिले में भ्रष्टाचार को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है, इसका सहज अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के न्यायसंगत आदेश को भी अमलीजामा नहीं पहनाया जाता है। नतीजतन यहां भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। इंदिरा आवास योजना समेत महात्वाकांक्षी सीएम सात निश्चय योजना में सर्वत्र लूट मची है।

हिलसा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने परिवादी रामप्रवेश यादव द्वारा दायर वाद अनन्य संख्या- 999990119031717527 की गहन सुनवाई के बाद चंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी को आदेश दिया था कि वे अविलंब सक्षम प्राधिकार से निर्देश प्राप्त कर फर्जी तरीके से दोबारा इंदिरा आवास का लाभ लेने-देने के मामले में लाभूक के विरुद्ध यथोचित क़ानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ तत्कालीन ग्रामीण आवास सहायक, नरसंडा एवं ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, चंडी के विरुद्ध यथोचित अनुशासनिक / क़ानूनी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

साथ ही दोबारा इंदिरा आवास की दी गई राशि की अविलम्ब वसूली सुनिश्चित करने हेतु सभी अपेक्षित कार्रवाई, जिसमें बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत नीलाम-पत्र वाद दायर किया जाना भी सम्मिलित है, करना सुनिश्चित करें एवं अनुपालन प्रतिवेदन दिनांक-15/07/17 तक उपलब्ध कराएं। आदेश की प्रति अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा को भी दें।

दायर वाद के अनुसार चंडी के नरसंडा ग्राम में बित्तीय बर्ष 2015-16, योजना संख्या-10 में मीरा देवी, पति महेश पासवान के नाम पर इंदिरा आवास निर्माण के लिए पूरी राशि बैंक से निकाल लिया गया है, जबकि इस नाम का व्यक्ति इस गांव में नहीं है। आवास सहायक एवं बीडियो चंडी के मिली भगत से इस कार्य को किया गया है,जिसकी गहन जाँच की जरूरत है।

हिलसा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के अंतिम आदेश के अनुसार प्रश्नगत परिवाद में परिवादी द्वारा वित्तीय वर्ष- 2015-16 में ग्राम- नरसंडा के योजना संख्या- 10 में श्रीमति मीरा देवी पति महेश पासवान के नाम पर इंदिरा आवास की पूरी राशि बैंक से निकल लेने की शिकायत की गई है। जबकि इस नाम का व्यक्ति उक्त गाँव में नहीं है। परिवादी द्वारा आवास सहायक एवं चंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से इस कार्य को किए जाने का आरोप लगाते हुए गहन जाँच की मांग की गई।

बिहार लोक शिकायत निवारण के अधिकार अधिनियम, 2015 के अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग में इंदिरा आवास से सम्बंधित परिवाद के लिए सम्बंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को लोक प्राधिकार नामित किया गया है।  उक्त के आलोक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी से परिवाद के सम्बन्ध में जाँच/कार्रवाई करते हुए तथ्यात्मक प्रतिवेदन के साथ अपना पक्ष रखने हेतु निदेशित किया गया।

चंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्रतिवेदित किया कि श्रीमति मीरा देवी पति- श्री महेश पासवान को वित्तीय वर्ष- 2015-16 में इंदिरा आवास का लाभ दिया गया था, जिनका पहचान संख्या- 1778 एवं क्रमांक- 649 है, प्रखंड के अभिलेख से मिलान किया गया है।

मिलान के उपरान्त पाया गया कि उनका खाता म०बि०ग्रा० बैंक, नरसंडा में खुलवाया गया है, जिसमे लाभार्थी की पहचान तत्कालीन पंचायत समिति सदस्या श्रीमति चिंता देवी एवं स्थानीय नागरिक श्री विजय कुमार, ग्राम- नरसंडा द्वारा किया गया है।

 साथ मीरा देवी पति- महेश पासवान के द्वारा शपथ-पत्र भी संलग्न किया गया है l अग्रेत्तर जाँच में पाया गया कि श्रीमति मीरा देवी द्वारा संलग्न पहचान-पत्र(Voter Id Card) जिसकी संख्या- NZH0260745 है, वो फर्जी है क्योंकि प्रखंड में उपस्थित अभिलेख(Voter list) से मिलान करने पर Voter List No- NZH260745 पर शोभा देवी पति मनोहर पासवान का नाम अंकित है।

लाभार्थी मीरा देवी पति महेश पासवान का खाता संख्या- 71800700029710 म०बि०ग्रा० बैंक, नरसंडा में है एवं उसी बैंक में खाता संख्या- 71800100061235 श्रीमति शोभा देवी पति मनोहर पासवान के नाम पर खुला हुआ है तथा पासबुक में लगे फोटो के अनुसार दोनों एक ही व्यक्ति का है। इससे स्पष्ट होता है कि फर्जी तरीके से पहचान-पत्र एवं खाता खुलवा कर इंदिरा आवास का लाभ लिया गया है।

उल्लेखिनीय है कि लाभार्थी श्रीमति मीरा देवी पति- श्री महेश पासवान का वास्तविक नाम श्रीमति शोभा देवी पति श्री मनोहर पासवान है तथा इन्हें वित्तीय वर्ष- 2008-09 में इंदिरा आवास का लाभ दिया जा चुका है। उनका बी०पी०एल० प्रतीक्षा सूची क्रमांक-16 एवं पहचान संख्या- 3150 अंकित है। उक्त से स्पष्ट है कि श्रीमति शोभा देवी पति मनोहर पासवान एवं मीरा देवी पति श्री महेश पासवान दोनों एक ही व्यक्ति हैं।

 इस सम्बन्ध में पूर्व ग्रामीण आवास सहायक नरसंडा की संलिप्तता जाहिर होती है l उनके कार्यालय के पत्रांक-480 दिनांक-01/04/17 से स्पष्टीकरण की मांग की गई है, जिसका जवाब दिया गया है कि भौतिक स्थिति को देखते हुए इंदिरा आवास का लाभ दिया गया है, जो स्वीकारात्मक नही है।

गलत तरीके से सरकारी राशि एवं सरकारी कागजातों के साथ छेड़-छाड़ के सम्बन्ध में लाभार्थी मीरा देवी पति-महेश पासवान के ऊपर नियमानुसार क़ानूनी कार्रवाई किया जाना चाहिए क्योंकि विभागीय दिशानिर्देश के अनुसार एक ही व्यक्ति को दोबारा इंदिरा आवास का लाभ नही मिल सकता है। इसकी राशि उगाही के लिए नीलाम-पत्र दायर किया जाएगा।

 तात्कालीन ग्रामीण आवास सहायक श्री चितरंजन कुमार के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई हेतु अनुशंसा की जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी के उपर्युक्त से प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि परिवाद-पत्र में वर्णित श्रीमति मीरा देवी पति-महेश पासवान के नाम पर श्रीमति शोभा देवी पति-श्री मनोहर पासवान द्वारा वर्ष-2015-16 में इंदिरा आवास का लाभ लिया गया है, जबकि श्रीमति शोभा देवी पति-श्री मनोहर पासवान वर्ष-2008-09 में ही इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका है।

चूँकि परिवाद-पत्र में प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी के विरुद्ध भी आवास सहायक से मिलीभगत से इस कार्य को अंजाम देने की शिकायत की गई है, इसलिए अधोहस्ताक्षरी द्वारा पारित अंतरिम आदेश दिनांक-17/05/17 में अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा को प्रश्नगत परिवाद में जाँच कर दोषी कार्मिक/पदाधिकारी की संलिप्तता के सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए तथ्यात्मक प्रतिवेदन के साथ अपना पक्ष रखने हेतु निदेशित किया गया।

अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा ने अपने वर्तमान प्रतिवेदन पत्रांक-233/वि0 दिनांक-13/06/17 में प्रतिवेदित किया है कि प्रश्नगत परिवाद की जाँच भूमि सुधार उप समाहर्ता, हिलसा से कराई गई। 

भूमि सुधार उप समाहर्ता, हिलसा के जाँच प्रतिवेदन पत्रांक-462 दिनांक-12/06/17 में प्रतिवेदित किया गया है कि

1. श्रीमति शोभा देवी पति- श्री मनोहर पासवान को वितीय वर्ष-2008-09 में इंदिरा आवास योजना का लाभ मिल चुका है। मनोहर पासवान का बी0 पी0 एल0 क्रमांक सं0-649 तथा पहचान सं0-1778 है। वितीय वर्ष-2015-16 में भी मनोहर पासवान की पत्नी को इंदिरा आवास का लाभ दिया गया है। वर्ष-2015-16 में मनोहर पासवान की पत्नी का नाम-शोभा देवी नही बल्कि मीरा देवी अंकित है। मीरा देवी नाम की कोई पत्नी मनोहर पासवान की नही है।

  1. स्पष्ट है कि मनोहर पासवान की पत्नी के नाम पर दो बार इंदिरा आवास का आवंटन हुआ, सिर्फ पत्नी का नाम बदल दिया गया। मनोहर पासवान की पत्नी का नाम-शोभा देवी है। मीरा देवी नाम की कोई पत्नी मनोहर पासवान की नही है।
  2. एक ही व्यक्ति को दो बार इंदिरा आवास आवंटित करने का कोई प्रावधान नही है l इंदिरा आवास हेतु चिन्हित लाभार्थियों की सूची में वर्णित सभी परिवारों का भौतिक रूप से सत्यापन ग्रामीण आवास सहायक के द्वारा करने का प्रावधान है तथा ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक को भौतिक सत्यापन के पश्चात् प्रविष्ट सूचनाओं की जाँच करनी होती है। ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों के द्वारा अपना कार्य सही ढंग से नहीं किया गया है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी के द्वारा Randomly कम-से-कम 20% लाभुको का भौतिक रूप से सत्यापन स्वयं करना है। प्रखंड विकास पदाधिकारी को 100% भौतिक सत्यापन नही करना है, इसलिए ऐसी त्रुटि के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को सीधे-सीधे दोषी ठहराना उचित प्रतीत नही होता है।

 उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि मनोहर पासवान के द्वारा पत्नी का नाम-शोभा देवी से मीरा देवी बदलकर इंदिरा आवास का लाभ दूवारा दिया गया है। अतः उसपर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए l साथ ही नरसंडा के ग्रामीण आवास सहायक एवं ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, चंडी ने अपना-अपना कार्य सही ढंग से नही किया है, इसलिए ऐसी गलती हुई है।

ग्रामीण आवास सहायक को एक पंचायत के सभी चिन्हित परिवारों का भौतिक सत्यापन करना होता है, इसलिए ग्रामीण आवास सहायक, नरसंडा सबसे अधिक दोषी है। ग्रामीण आवास सहायक पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। प्रतिवेदन के साथ भूमि सुधार उप समाहर्ता, हिलसा का प्रतिवेदन पत्रांक-462/रा0 दिनांक-12/06/17 की छायाप्रति संलग्न की गई है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी के प्रतिवेदन पत्रांक-534 दिनांक-19/04/17 एवं अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा के प्रतिवेदन पत्रांक-233/वि0 दिनांक-13/06/17 से स्पष्ट है कि परिवादी द्वारा वितीय वर्ष-2015-16 में नरसंडा ग्राम के मीरा देवी पति-श्री महेश पासवान के नाम पर इंदिरा आवास की राशि निकाल लिए जाने से सम्बंधित दी गई शिकायत सही है।

 वर्ष-2015-16 में इंदिरा आवास की राशि श्रीमति शोभा देवी पति-श्री मनोहर पासवान द्वारा प्राप्त की गई है, जिन्हें वर्ष-2008-09 में इंदिरा आवास का लाभ मिल चुका है। श्रीमति शोभा देवी पति-श्री मनोहर पासवान द्वारा श्रीमति मीरा देवी पति-श्री महेश पासवान के नाम पर इंदिरा आवास की राशि फर्जी तरीके से निकालने के लिए श्रीमति शोभा देवी के साथ-साथ ग्रामीण आवास सहायक, नरसंडा एवं ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, चंडी के विरुद्ध कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है।

 अतः प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी के पत्रांक-534 दिनांक-19/04/17 एवं अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा के पत्रांक-233/वि0 दिनांक-13/06/17 को दृष्टिपथ पर रखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी, चंडी को निदेश दिया जाता है कि वे अविलम्ब सक्षम प्राधिकार से निदेश प्राप्त कर फर्जी तरीके से दूवारा इंदिरा आवास का लाभ लिए जाने हेतु श्रीमति शोभा देवी पति-श्री मनोहर पासवान के विरुद्ध यथोचित क़ानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ तत्कालीन ग्रामीण आवास सहायक, नरसंडा एवं ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, चंडी के विरुद्ध यथोचित अनुशासनिक/क़ानूनी कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

साथ ही दोबारा इंदिरा आवास की दी गई राशि की अविलम्ब वसूली सुनिश्चित करने हेतु सभी अपेक्षित कार्रवाई, जिसमें बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत नीलाम-पत्र वाद दायर किया जाना भी सम्मिलित है, करना सुनिश्चित करें एवं अनुपालन प्रतिवेदन दिनांक-15/07/17 तक उपलब्ध कराएं। आदेश की प्रति अनुमंडल पदाधिकारी, हिलसा को भी दे। परिवाद की कार्यवाही समाप्त की जाती है।  

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