नालंदाः बोलेरो पर बलात्कार के मामला को दबाने में जुटी पुलिस

रेप पीड़िता गरीब और कमजोर परिवार से है। वह वरीय पुलिस अफसरों से इंसाफ की गुहार लगा रही है, लेकिन सु’शासन सरंक्षित नालंदा जिले में गरीबों-कमजोरों की सुनता कौन है। यहां तो हर तरफ ‘समरथ न कोय दोष गोषाईं’ का आलम कम होने का नाम ही न ले रहा है.………….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। सुशासन बाबू के नालंदा में बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। दो दोस्त युवकों ने बराबर धाम के बहाने बहला फुसला कर जबरिया बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है।

यह घटना बीते 6 सितम्बर की है। जब दो दोस्तों ने एक प्राइवेट नर्स का काम करने वाली 30 वर्षीय महिला को बराबर धाम घुमाने ले गया और लौटने के क्रम में हुलासगंज बाजार के आस पास सुनसान सड़क में बोलेरो में ही बारी-बारी से बलात्कार की घटना को अंजाम दिया।

हालांकि पीड़िता के फर्द बयान पर उसी दिन इस्लामपुर थाना कांड संख्या 417/19 दर्ज किया गया, लेकिन रेपिस्टों व उससे जुड़े प्रभावशाली लोगों के खिलाफ पुलिस सिर्फ खानापूर्ति करने में जुटी है और किसी भी आरोपी को दबोचने की हिम्मत नहीं जुटा रही है। नाकाम साबित हो रही है।

सिलाव बाजार के विनोद सिंह के मकान में किराए पर रहने वाली पीड़िता 30 वर्षीय मीना देवी (काल्पनिक नाम) ने बताया कि 6 सितम्बर को सुबह में मकान मालिक विनोद सिंह की विधवा बहन ने उसे मोबाइल फोन देकर कहा कि लो बात कर लो, तुम्हारा फोन है। जब बात किया तो धीरज यादव पिता मुन्नी यादव नामक युवक का फोन था, जो केशरीबीघा, छबिलापुर थाना का निवासी है।

फोन पर बातचीत के दौरान धीरज ने मीना को बराबर धाम घूमने चलने कहा और उसे एकंगरसराय बुलाया। पीड़िता बस से एकंगरसराय पहुँची तो धीरज यादव अपने गांव के ही दोस्त धीरेंद्र यादव के साथ उजले रँग के बोलेरो पर सवार था। उसने गाड़ी में बैठने को कहा।

शाम तक बराबर पहाड़ पहुँचकर पूजा एवं दर्शन किये। शाम में 7 बजे लौटते समय हुलासगंज बाजार के पास सुनसान सड़क का फायदा उठाते हुए दोनों दोस्तो ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और पीड़िता को इस्लामपुर के आसपास सड़क पर उतार दिया।

पीड़िता रोते बिलखते इस्लामपुर थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई तब इस्लामपुर थाने में केशरीबीघा निवासी धीरज और धीरेंद्र पर बलात्कार की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई फौरिक कार्रवाई नहीं की और वारदात के 12 दिन बाद भी हाथ पर हाथ रख बैठी है।

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