थानेदार की कुर्सी पर बैठे ‘धरना मंत्री’ को लेकर हो रही यूं चर्चा

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इस सवाल पर मीडिया समेत अन्य क्षेत्रों से जुड़े जाने-माने लोगों ने भी काफी दिलचस्प प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बात भी सही है कि समरथ न कहु दोष गोसाईं….

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज।  राजधानी रांची के एक प्रतिष्ठित दैनिक के वरीय अपराध संवाददाता अखिलेश कुमार सिंह ने अपनी फेसबुक वाल पर एक बड़ा रोचक सवाल उठाया है। श्री सिंह का सीधा-सरल सवाल है….  “क्या थाने में प्रदर्शन करने गए मंत्री थानेदार की कुर्सी पर बैठ सकते हैं, प्रोटोकॉल क्या कहता है?

90Narayan Vishwakarma, Syed Shahroz Quamar and 88 others

Aman Kumar Cp singh zindabaad..Bjp zindabaad…Hindu Ekta zindabaad..

Roshni Xalxo क्यों नहीं नाराजगी के बाद मिलाप यही प्रकृति का नियम है हर बात का हल होना चाहिए

Akhilesh K Singh Roshni Xalxo दीदी मेरा सवाल बस प्रोटोकॉल पर है ।

Sanjay Krishna दरअसल उन्‍हें उसकी कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए, लेकिन पुलिस तो नौकर ही है।

Dhananjay Singh काहे भाई बैठने भी नही दोगे गलत होगा तो धरना। भी होगा फिर क्लास भी

Akhilesh K Singh Dhananjay Singhधरना पर कहाँ सवाल उठ रहा, मैं प्रोटोकॉल पर पूछ रहा हूँ।

Dhananjay Singh प्रोटोकॉल में मिनिस्टर ssp से कितना छोटा है

Rupam Sinha Jharkhand hai

Ashish Tigga नो कमेंट । सब जायज़ है । अंधेर नगरी चौपट राजा।

Saroj Singh U simit only ranchi

Ak Pandey प्रोटोकॉल तो साधारण लोग के लिए है मंत्री जी के ना तो कोई नियम है ना कोई प्रोटोकॉल है

Mangal Singh Munda BJP के राज्य में सब कुछ संभव है।माननीयों को नियम कानून से कोई मतलब नहीं है

Ranjit Chandrvanshi कुर्सी का स्थान बदलकर बैठना चाहिए था।

Satyendra Singh No

Sushil Singh Mantu ‘कुर्सी’ के लिए धरना में शामिल हुए और आप उसी पर नजर गड़ा रहे हैं
कुर्सी के प्यार में सबकुछ जायज है

Shambhu Nath Choudhary कार्यकर्ता ने निशिकांत दुबे का पांव धोकर पीया. मंत्री जी इसे गलत नहीं मानते. जब नैतिकता का पैमाना ऐसा हो तो थानेदार की कुर्सी पर बैठना तो काबिल-ए-जिक्र बात भी नहीं लगती.

Kuber Singh जगह थानेदार की है पर कुर्सी पब्लिक की है

Kuber Singh Akhilesh K Singh @ जी भाई हमको तो कुछ नहीं पता

Kuber Singh थानेदार की कुर्सी पर एसएसपी अनीश गुप्ता जी बैठे हुए हैं?

Akhilesh K Singh थानेदार अपनी कुर्सी दाएं – बाएं कर के बैठते हैं क्या? आप भी ना.

Sushil Chourasiya प्रोटोकॉल के अनुसार : अगर मंत्री की हैसियत से वहाँ पर मौजूद है तो बैठ सकते है, अगर मुजरिम/आरोपी हैं तो नहीं बैठ सकते हैं। आगे आप समझदार है

Akhilesh K Singh Sushil Chourasiyaपुलिस मैनुअल और crpc के हिसाब से मंत्री थानेदार की कुर्सी पर नहीं बैठ सकते।

Kuber Singh तस्वीर को गौर से देखने पर पता चलता है SSP भी साधारण कुर्सी पर बैठे हैं

Akhilesh K Singh आप तो हर दिन थाना जाते हैं, बता दीजिये थानेदार किस कुर्सी पर बैठता है।

Kuber Singh Akhilesh K Singh @ हम तो जाते ही नही, आज गया था।। पूछ लो अपने खबरी से

Bipin Upadhyay अखिलेश भाई प्रोटोकॉल तो ये भी कहता है कि मंत्री धरना में शामिल नही हो सकते

Niraj Kumar Vishwakarma भक्तिकाल है भैया

Sapan Kumar Mahtha थानेदार की कुर्सी में वही बैठ सकता है जो CRPC और पुलिस मैनुअल में थाने का भारसाधक अधिकारी हो यानी जो थानेदार का दायित्व संभाल सके

Akhilesh K Singh Sapan Kumar Mahtha एग्री भैया

Ram Kumar Ashok Crpc sec 36 पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से पंक्ति मे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिस स्थानीय छेत्र मे नियुक्त है,उसमे सर्वत्र, उन शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं जिनका प्रयोग अपने थाने की सीमाओं के अन्दर ऐसे अधिकारी द्वारा किया जा सकता है

Kishor Lohar 2014 से प्रसाशनिक स्तंभ….विधायिका/संसद की गुलाम बनी हुई….

Sujeet Jha मंत्री जी नीचे बैठे थे।

Animesh Nachiketa Yes, as a Minister of state He Can…

Akhilesh K Singh मंत्री सीपी सिंह सिर्फ इतना बता दें कि वे किस अधिकार के तहत थाना प्रभारी की कुर्सी पर बैठ गये?

Akhilesh K Singh नहीं बैठ सकते । crpc के मुताबिक।

श्रिंक सिद्धार्थ सिन्हा Ye jo nazariya hai Wo fasaad ki jad hai !!

Anand Kumar मंत्री थानेदार को उठा कर तो बैठे नहीं होंगे. उन्हें कुर्सी ऑफर की गई होगी. और वैसे भी मंत्री सरकार है और थानेदार सरकारी सेवक..

Pushkar Kumar Singh जबर्दस्ती का कोई मतलब नहीं है

Aditya Vikram Jaiswal Sarkar unke hai

Sudhir Singh अखिलेश जी आपके द्वारा पुछे गयें प्रश्न का जवाब सभी ने गोल मटोल जवाब दिया, सिवाय एक को छोडक़र ….हास्यापद है

Pintu Dubey ‘कुर्सी’ 😘

Pratik Singh अजीब है ये केंद्र में राज्य में मंत्री जी का साम्राज्य प्रदर्शन करना भी जरूरी था क्या कुबेर बाबू पहले तो बाहर प्रदर्शन कर रहे थे कुर्सी तो नहीं की है ना हम तो चमचा पत्रकार नहीं है

Rajesh Kumar Singh Abki bar jharkhand me hemant sarkar

Shailesh Kumarsingh akal nahi hai

Rajeev Ranjan जनमानस के साथ साथ पुलिस के भी सभी कनीय व वरीय पुलिस पदाधिकारी एवं अधीकारी महोदय भी इसका जबाव समय पर निर्धारित करेंगे यह भी तय है। सभी के अवलोकनार्थ विचारार्थ आज की यह तस्वीर स्वतः स्पष्ट हो रही है।

Rajesh Singh Protocol naam kaa bhi koi cheez hota hai galat hai to galat hai.

Suryakant Kamal अंधेर नगरी….चौपट राजा

Sanjay Srivastava झारखंड है भाई यहां कुछ भी हो सकता है।कुर्सी के लिए…

Vikash Kumar Pandey मंत्री है भाई कुछ भी कर सकते है।

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