तब सिल्ली विधायक अमित कुमार ने गृह मंत्री से मिलकर की थी सीबीआई जांच की मांग

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“तब केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिल्ली के विधायक अमित कुमार महतो को उनकी शिकायत पत्र की बाबत साफ शब्दों में बताया कि राज्य सरकार की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं की गई है। यदि पहल की जाती तो वे ऐसे मामलो में फौरिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाते।”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। झारखंड की राजधानी रांची प्रक्षेत्र के सिल्ली विधान सभा के तात्कालीन झामुमो विधायक अमित कुमार महतो ने झारखंड प्रदेश की 3 चर्चित बिटिया की संदिग्ध मौतों की साबीआई जांच की मांग को लेकर भारत सरकार के केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले थे।

इस मुलाकात के बाद सबसे सनसनीखेज सूचना यह उभर कर सामने आई थी कि बिटिया बचाओ की नारे बुलंद करने वाली रघुवर सरकार ने अपनी घोषणा के अनुरुप आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज की चर्चित निर्भया कांड की सीबीआई जांच की अब तक कोई पहल नहीं की है।

तब केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिल्ली के विधायक अमित कुमार महतो को उनकी शिकायत पत्र की बाबत साफ शब्दों में बताया कि राज्य सरकार की ओर से ऐसी कोई पहल नहीं की गई है। यदि पहल की जाती तो वे ऐसे मामलो में फौरिक कार्रवाई की दिशा में कदम उठाते।

केन्द्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करने के बाद श्री महतो ने नई दिल्ली से दूरभाष संपर्क में एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क को तब बताया था कि राज्य की पुलिस प्रमुख से लेकर सीएम रघुवर दास ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज की निर्भया के हत्यारों की पहचान कर ली गई है , वे सफेदपोश हैं और दो दिनों के भीतर वे सफेदपोश सलाखों के पीछे होगें। लेकिन आज तक कुछ नहीं किया गया।

श्री महतो ने यह भी कहा था कि जब सीएम को सफेदपोश की पहचान ज्ञात थी तो अब तक क्यों नहीं कोई कार्रवाई हुई। अगर वे राज्य पुलिस पर हावी हैं तो सीबीआई जांच की अनुशंसा करने की घोषणा को अमलीजामा क्यों नहीं पहुंचाया गया?

सिल्ली विधायक ने कहा कि इसके पहले भी वे केन्द्रीय गृह मंत्री से इस सिलसिले में मिले थे। उस वक्त भी यही कहा गया था। उसके बाद उन्होंने कई बार इस बाबत झारखंड के सीएम को पत्र लिखा, लेकिन उसका कितना असर हुआ, वह सब आज राजनाथ सिंह सरीखे गृह मंत्री से मिलने के बाद बखूबी हो गया।

उन्होंने कहा था कि दूसरी घटना गढ़वा की सोनाली के साथ हुई थी। उसको लेकर भी राज्य सरकार की ओर से कुछ नहीं कहा गया। इसे लेकर सीएम को कई बार अनुरोध आवेदन दिया।

उन्होनें कहा था कि तीसरी घटना गोल इंस्टीयूट की इच्छिता की है। जिसके बारे में सभी जानते हैं कि पीड़ित के अविभावक को कैसे खुद सीएम द्वारा डांट भगाया गया था। इसका वीडियो भी खुब वायरल हुआ था।

उन्होंने कहा कि इन तीनों मामले की जानकारी केन्द्रीय गृह मंत्री को दी गई है कि कैसे राज्य सरकार बिटियाओं के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है और सभी की बिना सीबीआई जांच खुलासा होना मुमकिन नहीं है।

कहते हैं कि इस मुलाकात की खबरों के बाद सरकार ने सीबीआई जांच के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय को लिखा। उसके बाद सीबीआई ने आरटीसी इंजीनियरिंग कॉलेज की चर्चित निर्भया कांड को लेकर नए सिरे से मामला दर्ज करते हुए अपनी कार्रवाई शुरु की और देर-सबेर ही सही दरिंदे को खोज निकाला।

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