डीजीपी ने लगाई शराबबंदी की चौपाल, फिर गिराई गौरीचक थाना पर गाज

अगर शराब बेचने वाले कसूरवार हैं। शराब पीने वाले कसूरवार हैं। तो शराब के धंधे में लिप्त पुलिस वाले भी उतने ही कसूरवार हैं और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने शराबबंदी को लेकर पटना के संपतचक स्थित चीपुरा गांव में जन चौपाल लगाया।

इस जन चौपाल में सिटी एसपी ईस्ट जितेंद्र कुमार, एएसपी किरण जाधव एवं कई थानेदारों और उनके पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। काफी संख्या में ग्रमीण भी जुटे।

कहा जाता है कि चीपुरा गांव वासी शराबबंदी के विरुद्ध मुहिम छेड़ते हुए अवैध शराब को खुद जप्त कर उसकी सुचना पुलिस को दे रहे हैं।

इस गांव में जैसे ही डीजीपी पहुंचे गांव के लोगों के चेहरों पर एक अजीब सी उम्मीद जगी। उनका कहना था कि पुलिस वाले उनकी मदद करने में देर से पहुंचते हैं और आज डीजीपी खुद उनके गांव उनके बीच बहुत शराब बंदी का मुहिम छेड़ते नजर आए।

चिपुरा गांव के महिलाओं का कहना है कि बच्चों के तन पर कपड़े नही,  घर में खाने के लाले पड़े हो और पति बाहर में शराब पीकर किसी खड्डे में पड़ा हो, ऐसी जिंदगी उन्हें नहीं चाहिए। वहां मौजूद महिलाओं ने डीजीपी को शराबबंदी पर कई गीत भी सुनाए।

चौपाल को को संबोधित करते हुए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि शराब इंसान की बुद्धि को नष्ट कर देता है और बिना बुद्धि के इंसान को पागल कहते हैं।

वहीं इस जन चौपाल को संबोधित करने के बाद डीजीपी सीधे गौरीचक थाना पहुंचे और वहां शराब में संलिप्त 9 पुलिसकर्मियों का तबादला करते हुए गौरीचक के थाना अध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया।

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