डीएम की जेब कटने की खबर चलाने वाले पत्रकारों को ’नो इंट्री’

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। नवादा डीएम कौशल कुमार की जेब कटने की खबर मीडिया में चलने पर डीएम ने तीन पत्रकारों को समाहरणालय में प्रवेश पर रोक लगाने का फरमान जारी कर दिया है।

इस फरमान के खिलाफ नवादा के पत्रकारों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए डीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। तीन दर्जन पत्रकारों ने बैठक कर प्रशासनिक दबाव का सामना करने की बात कही है।

नवादा के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी गुप्तेश्वर कुमार ने पत्रकार पंकज कुमार सिन्हा, अमन सिन्हा ‘ईलू’ तथा संदीप कुमार को डीएम कार्यालय नहीं आने का फरमान सुना  दिया है।

पिछले दिनों नवादा के प्रसाद बिगहा दुर्गा मंडप में परिवार के साथ पूजा करने पहुंचे जिलाधिकारी के पॉकेट में एक उचक्के सोनू कुमार ने  अपना पुराना  मोबाइल डालकर उसकी जगह डीएम का मोबाइल  निकालने का प्रयास किया था। जिसे सुरक्षाबलों ने देख लिया तथा उसे  पकड़ लिया था।

वहां तैनात सब इंस्पेक्टर ने भी इस घटना की पुष्टि की थी। इस घटना की सूचना मिलते ही नवादा डीएम की जेब कटने की खबर मीडिया में चलने लगी। नवादा डीएम के जेब कटने का प्रयास की चर्चा चारों ओर होने लगी थी।

इस खबर को लेकर डीएम का गुस्सा सातवें आसमान पर आ गया। यही वजह रही कि तीन पत्रकारों को डीएम कार्यालय में घुसने पर रोक लगा दी गई।

डीपीआरओ के इस फैसले को लेकर नवादा के 36 पत्रकारों ने एक बैठक कर अपनी एकजुटता दिखाते हुए प्रशासनिक दबाव का सामना करने की बात कही है।

पत्रकारों ने कहा कि सोशल मीडिया पर डीएम की जेब कटने संबंधी खबर को लेकर जिला पदाधिकारी जिले के तीन पत्रकारों पर खबर दबाने का दबाव डाल रहे हैं।

नवादा के वरीय पत्रकार रामजी प्रसाद की अध्यक्षता एवं राजेश मंझवेकर के मंच संचालन में आयोजित बैठक में पत्रकारों ने सर्वसम्मति से इसे प्रशासन की तानाशाही बताया। पत्रकारों ने खबर के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करने का संकल्प लिया।

इस मौके पर पत्रकार  विजय भान सिंह,  डॉ अशोक कुमार प्रियदर्शी, मनोज कुमार, सुरेश प्रसाद राय, सुधीर कुमार ने कहा कि कल की पत्रकारिता और आज की पत्रकारिता में बदलाव आ गया है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता को जाना जाता है। प्रशासन द्वारा ऐसी धमकी देकर खबर को दबाने का प्रयास किया जा रहा है जो सर्वथा अनुचित है। हम किसी भी कीमत पर नहीं झुकेंगे।

मौके पर यशवंत सिन्हा, शशि भूषण पाठक, विनय कुमार पांडे, राहुल राय, राकेश कुमार चुन्नू, गौरव मिश्रा, वीरेंद्र वर्मा, मनमोहन कृष्ण, बबलू कुमार, शैलेश कुमार, अमित कुमार, विकास कुमार, रंजीत कुमार सिन्हा, सन्नी भगत, अनिल शर्मा, आदि लोगों ने अपनी बात रखी तथा डीएम के इस रवैये की आलोचना की।

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