डीआईजी ने सिपाही पर फेंका गर्म पानी,विम्स में भर्ती,कार्रवाई की मांग

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क।  नालंदा  जिला के राजगीर सीआरपीएफ प्रक्षिक्षण केंद्र में सिपाही के उपर डीआइजी द्वारा गर्म पानी फेंके जाने के बाद मामले की शुरू लीपापोती के बीच कॉनफेडरेशन ऑफ एक्स पारा मिलिट्री फोर्सेंज वेलफेयर एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग की है।  

खबर है कि जैसे ही यह मामला उच्च अधिकारी से जुड़ा, पूरा महकमा इसे दूसरा रूप देने में जुट गया। घायल सिपाही आमोल का इलाज फिलहाल पावापुरी स्थित विम्स में चल रहा है।

इसके आसपास सीआरपीएफ के जवान को तैनात कर दिया गया है। मीडिया को घायल से दूर रखा जा रहा है। यहां तक कि पुलिस भी कुछ बोलने से बच रही है।

यह मामला तब सामने आया जब मंगलवार को सोशल मीडिया पर राजगीर के सीआरपीएफ प्रशिक्षण केंद्र में सिपाही पर खौलता पानी फेंके जाने से घायल सिपाही की तस्वीर तेजी से वायरल होने लगी। वायरल खबर में डीआईजी पर खौलता पानी फेंके जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

प्रशिक्षण केंद्र के सहायक कमांडेंट पीएन मिश्र ने महज एक दुर्घटना करार देते हुए कहा कि गलती से गर्म पानी सिपाही के चेहरे पर जा गिरा।

उन्होंने बताया कि सब इंस्पेक्टर व हेड कांस्टेबल का फाइनल टेस्ट चल रहा था। बोर्ड में मोकामा से डीआईजी डी.के त्रिपाठी पीठासीन के तौर पर आए थे। उन्होंने कमरे में रखे बॉटर पॉट से पानी पिया। पानी काफी गर्म थी। उन्होंने तत्काल सभी को तलब किया।

इसके बाद मेस के सचिव, मेस कमांडर व सिपाही पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सभी से पूछा कि पानी पॉट में किसने भरी थी। अनमोल आगे आया और कहा कि सर मैंने। पॉट खुला था जो सिपाही के हाथ से टकरा गया और उसके चेहरे पर जा गिरा, जिससे वह घायल हो गया। अब इसमें क्या सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही सामने आएगी।

इधर कॉनफेडरेशन ऑफ एक्स पारा मिलिट्री फोर्सेंज वेलफेयर एसोसिएशन रणवीर सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोपी डीआईजी डी.के त्रिपाठी के उपर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इस जघन्य व निदनीय कृत्य को विभाग छिपाने की कोशिश कर रही है। एक गलती को छिपाने के लिए सिपाही पर जुर्म किया जा रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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