जांच कमिटि की रिपोर्ट में खुलासा, पूर्व प्रबंधक की सांठगांठ से हुआ लाखों का खेला

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रांची (मुकेश भारतीय) । स्वर्णरेखा जल विद्दुत परियोजना के उत्पादन ईकाई-2 के अनाधिकार प्रवेश वर्जित क्षेत्र में लोखों के बोल्डर पीचिंग के खेल का खुलासा हो गया है। सोमवार की दोपहर रांची जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष जलेन्द्र कुमार को संवेदक शेख अनवर के मामले को लेकर गठित सात सदस्यीय कमिटि के अध्यक्ष बालक पाहन ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी।

रिपोर्ट से स्पष्ट है कि परियोजना के पूर्व प्रबंधक वसीरुद्दीन अंसारी की साठगांठ से संवेजक ने करीब 17 लाख के कार्य मौखिक आदेश के तहत कार्य किया था। संवेदक ने पहले भी  मौखिक आदेश के तहत कार्य कराया है और उसका बाद में भुगतान हुआ है। बोल्डर पीचिंग के मामले में भी यही हुआ है। संवेदक को पहले उस स्थान पर झाड़ी कटाई का काम दिया गया और फिर उसी स्थान पर मौखिक आदेश पर बोल्डर पीचिंग का काम कराया गया। जिसका भुगतान पूर्व प्रबंधक के सेवानिवृत हो जाने एवं वर्तमान प्रबंधक के नियम के विरुद्ध कार्य कहे जाने से अटक गया। कमिटि को निर्धारित चार बिन्दुओं पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी।

प्रथम, सिकीदिरी पावर हाउस में बोल्डर पींचीग का काम हुआ है कि नहीं ?  

इस प्रश्नगत के संदर्भ में समिति के सदस्यों की पड़ताल में प्रमाणित हुआ है कि वहां संवेदक के कथनानुसार कालावधि में व्यापक पैमाने पर बोल्डर पीचिंग के कार्य हुये हैं।

दूसरा, जो कार्य हुआ है, उसे किसने कराया है ?

इस प्रश्नगत सबाल को लेकर समिति के सदस्यों ने गहन पड़ताल की। इस संदर्भ में जिस किसी से भी जानकारी ली गई, उसने कार्य कराने की पुष्टि के साथ संवेदक शेख अनवर का नाम लिया। किसी अन्य एक व्यक्ति ने यह दावा नहीं किया कि कार्य उसने नहीं अपितु, बल्कि किसी दूसरे ने कराया है। समिति शेख अनवर द्वारा कार्य कराने की सप्रमाण पुष्टि करती है।

तीसरा,  इसका कार्यादेश प्राप्त हुआ था कि नहीं ?

इस प्रश्नगत की पड़ताल के बाद समति के सदस्यों ने पाया कि सिकिदिरी जल विद्युत परियोना के विद्युत घर दो के अनाधिकार प्रवेश वर्जित क्षेत्र में संवेदक शेख अनवर द्वारा कराये गये बोल्डर पीचिंग के कार्य का कोई लिखित कार्यादेश प्राप्त नहीं था। लेकिन यहां मौखिक आदेश के तहत ही काम होते रहे थे।

बकौल शेख अनवर, पूर्व परियोजना प्रबंधक वसीरुद्दीन अंसारी के मौखिक आदेश से झाड़ी कटाई का काम किया था, जिसका भुगतान बाद में किया गया। उसी काम को बढ़ाते हुए परियोजना प्रबंधक वसीरुद्दीन अंसारी के मौखिक आदेश से हीं उस स्थान पर बोल्डर पीचिंग का काम करने लगा। काम करने वाले मजदूरों, प्रत्यक्षदर्शियों आदि से पता चला कि बोल्डर पीचिंग का काम शेख अनवर द्वारा जब किया जा रहा था, उस समय विभागीय अभियंता लोग आकर नापी-जोखी करने के साथ अन्य दिशा निर्देश दिया करते थे। कार्यस्थल पर कई बार पूर्व प्रबंधक वसीरुद्दीन अंसारी भी मुआयना करते और निर्देश  देते पाये गये थे।

इधर जब जांच कमिटि ने वर्तमान प्रबंधक अमर नायक द्वारा नामित समिति के सदस्य कार्यपालक अभियंता सुब्रत कुमार पंडा और कनीय अभियंता आलोक कुमार सुमन द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं किये। एक ओर ये दोनों कार्यस्थल पर गये और कार्य को सही पाकर खड़े होकर नापी कराई, वहीं दूसरी ओर दोनों ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ते रहे कि उन्हें प्रबंधक कौन होते हैं किसी जांच कमिटि के सदस्य बनाने वाले। वे बोर्ड की नौकरी करते हैं। अगर बोर्ड उन्हें कहेगी तो वे कमिटि को मानेगें।

चतुर्थ, कार्य हुआ है तो इससे संबंधित पक्ष की संपुष्टि प्रस्तुत करें ?

इस प्रश्नगत जांच के आलोक में संवेदक शेख अनवर की ओर से  कुल 14,43,760 ( चौदह लाख तेतालीस हजार सात सौ साठ) रुपये का मूल खर्च वाउचर के साथ कुल 15,88,136 रुपये का दावा स कागजात जांच समिति को सौंपे गये हैं। इस खर्च विवरण में संवेदक ने तात्कालीन साइड इंचार्य अभियंता संतोष कुमार द्वारा प्राक्कलन तैयार करने के मद में 1,80,000 ( एक लाख अस्सी हजार) रुपये की अतिरिक्त राशि भा देय है। इस बिल विपत्र के साथ संवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रमाण भी संलग्न किये गये हैं।

उपरोक्त चारो बिन्दुओं के आलोक में कमिटि ने बीस सूत्री उपाध्यक्ष जलेन्द्र कुमार से  संवेदक द्वारा कराये गये कार्य का अबिलंब भुगतान एवं दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने की अनुशंसा अग्रसरित करने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि परियोजना के 2 नंबर प्लांट क्षेत्र में 17 लाख के कार्य कराये जाने को लेकर परियोजना कार्यालय के सामने संवेदक शेख अनवर ने सपरिवार आमरण अनशन  के साथ कभी भी आत्म दाह कर लेने की घोषणा कर डाली थी। जिसे जिला बीस सूक्षी उपाध्यक्ष ने एक अल्पसंखयक परिवार की जान की चिंता को लेकर वर्तमान प्रबंधक अमर नायक से बात की औऱ आपसी समझौता के तहत एक सात सदस्यीय समिति का गठन कर दोनों संयुक्त रुप से 30 दिनों के भीकर नयाय होने का आश्वाश्न देकर अनशन तुड़वाया था।

इस समिति में ओरमांझी प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष बालक पाहन के आलावे परियोजना के कार्यपालक अभियंता सुब्रत कुमार पंडा, कनीय अभियंता आलोक कुमार सुमन, समाजसेवी पत्रकार मुकेश भारतीय, संवेदक राजकुमार, जिला बीस सूत्री सद्स्य शंकर बैठा एवं समाजसेवी सिकंदर बेदिया शामिल थे। उपरोक्त सभी सदस्यों ने अपनी कड़ी मेहनत भरी पड़ताल से अंततः दूध का दूध और पानी का पानी करने में सफल रहे।

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