चलिये फिलहाल राजगीर प्रशासन और पर्यटन विभाग पर भरोसा कर लीजिये

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। बिहार के गौरवशाली जिलों में एक नालंदा जिले के अन्तर्राष्टीय पर्यटन स्थल राजगीर से जुड़ी आज की खबरें अलग दिखती है। लेकिन हर किसी के मन-मस्तिष्क में एक ही सबाल कौंधता है कि क्या आगे वैसा ही होगा, जैसा कि पुलिस-प्रशासन और पर्यटन विभाग के लोग रायपुर के पर्यटकों के साथ हुई गुंडागर्दी के बाद उकेरने में लगे हैं ?

उम्मीद पर ही दुनिया कायम है। व्यवस्था से भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिये। जब जागा, तभी सबेरा। चलिये फिलहाल राजगीर प्रशासन और पर्यटन विभाग पर भरोसा कर लीजिये।

लेकिन, जो चिंताएं सामने आई है, वे यकीन पर उंगली उठाती है। क्योंकि इसके पहले भी ऐसी कई घटनाएं घट चुकी है। पुलिस-प्रशासन की कथनी और करनी में फर्क दिखती रही है।

खबर है कि रायपुर (छत्तीसगढ़) से राजगीर घूमने आए पर्यटकों के साथ कुछ तांगा चालकों के साथ की गई बेरहमी से मारपीट मामले में इस बार प्रशासन और पर्यटन विभाग दोनों हरकत में आई है।

पर्यटन विभाग द्वारा जहां मामले की छानबीन कर कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं पुलिस ने मारपीट की घटना में शामिल एक तांगा चालक सुरेन्द्र पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बकौल डीएसपी संजय कुमार राजगीर में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और मान-सम्मान का सभी को ख्याल रखना होगा। चाहे वह किसी व्यवसाय से जुड़ा हो। तांगा चालक एसोसिएशन को इस घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी में मदद करने का आदेश दिया गया है।

एसडीओ लाल ज्योति नाथ शाहदेव और डीएसपी संजय कुमार ने तांगा एसोसिएशन के साथ बैठक की। दोनों जिम्मेवार अफसरों ने एसोसिएशन को साफ तौर पर कहा कि तांगा चालकों की यह हरकत काफी निंदनीय है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवबालक यादव और श्यामदेव राजवंशी, दिलीप यादव को कहा गया कि सभी तांगा चालकों को अब नगर पंचायत कार्यालय से लाइसेंस लेना होगा। कम उम्र का चालक किसी भी हाल में तांगा चलाते नहीं दिखना चाहिए।

यह भी निर्देश दिया गया कि दो दिन के अंदर सभी 500 तांगों के साथ बैठक कर निर्धारित नियमों का पालन का फरमान सुना दें। नगर पंचायत द्वारा परिचय पत्र दिया जाएगा, जिसमें तांगा का नंबर लिखा रहेगा। अगर नाबालिग चालक पकड़ा गया तो कानूनी कार्रवाई होगी। तांगा चालकों को दो दिनों का प्रशिक्षण देकर बताया जाएगा कि पर्यटकों के साथ कैसा व्यवहार करें। राजगीर के सभी महत्वपूर्ण स्थान सीसीटीवी कैमरे की नजर में है।

उधर, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक महानिदेशक गोविन्द चन्द्र भुयन ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के पर्यटकों के साथ मारपीट की घटना काफी निंदनीय है। पर्यटन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर डीजीपी से बात की जायेगी और यहां सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती होगी।

श्री भुयन के अनुसार पर्यटन स्थलों की सुरक्षा का भी जायजा लिया जायेगा। जब सड़क पर पर्यटकों को पीटा जा रहा था, तब स्थानीय पुलिस कहां थी इस पर भी जांच-पड़ताल होगी और लापरवाह लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जायेगी। राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के अधिकारियों से भी बात की जा रही है। पर्यटकों की सुरक्षा सभी का कर्तव्य है। गलत व्यवहार करने वालों के ऊपर ठोस कार्रवाई होगी।

बकौल सहायक महानिदेशक, राजगीर में अभी पर्यटन सीजन चल रहा है और पूरे दुनिया के पर्यटक यहां रहे हैं। तांगा चालक ही नहीं सभी को चाहिए की इनसे अच्छा व्यवहार करें। पर्यटकों की सुविधा को लेकर कई योजनाओं पर काम चल रहा है।

स्वदेश दर्शन के तहत 100 करोड़ रुपए और प्रसाद स्कीम के तहत 50 करोड़ रुपये मंत्रालय खर्च करती है। इसके अंतर्गत राजगीर और नालंदा में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

विदित हो कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ के 15 पर्यटकों का दल राजगीर घूमने आया था और वाहन हटाने को लेकर तांगा चालकों ने इन पर्यटकों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। जिसमें कई पर्यटक घायल हो गए थे। पर्यटकों ने पुलिस को फोन करने पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था।

वेशक यह मामला काफी गंभीर मामला है। समाज के हर तबके को राजगीर में कायम माहौल में परिवर्तन लाने की दिशा में सार्थक प्रयास करना होगा। सब कुछ पुलिस-प्रशासन के भरोसे छोड़ना सही नहीं होगा।

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