चंडी थानेदार की गाली-गलौज व मनमानी से क्षुब्ध चौकीदार-दफादार संघ ने खोला मोर्चा

0
12

चौकीदार व दफादार की गोपनीय सूचना को भी थानेदार अनदेखी कर देते हैं। जबकि सरकार द्वारा शराब व जमीनी विवाद से संबंधित मामला को चौकीदार पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। लेकिन चौकीदार व दफादार के द्वारा दिया गया सूचना पर भी थानेदार द्वारा टालमटोल किया जाता है………………..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क । नालंदा जिले के चंडी थाना में उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब थानेदार चंचल कुमार अचानक चौकीदारों पर उबल पड़े और मां-बहन की गालियां देने लगे।

इससे क्षुब्ध चौकीदारों ने एक बैठक कर मामले की लिखित जानकारी चंडी अंचलाधिकारी को दी और अग्रेतर कार्रवाई के लिए उसकी एक प्रति हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी वैभव चौधरी को भी सौंपी है।

चौकीदारों की लिखित शिकायत के अनुसार बीते एक अगस्त को थाना परिसर स्थित थानेशवरनाथ मंदिर प्रांगण में दोपहर करीब 12 बजे कड़ी धूप होने के कारण सभी चौकीदार-दफादार बैठकर आपस में गपशप कर रहे थे कि अचानक थानेदार और गंदी-गंदी गालियां देने लगे और तरह-तरह की धमकियां दी। जिससे सारे लोग सहमे हुए हैं।

चौकीदारों ने लिखा है कि थानेदार रोज 4-5 चौकीदारों से डाक ड्यूटी लेते हैं, जिसका खर्च भी चौकीदारों को खुद वहन करना पड़ता है। यही नहीं, यहां कैदी कितना भी छोटा-बड़ा क्रिमीनल क्यों न हो, उसे चौकीदार ही ले जाते हैं और कोई भी अप्रिय घटना होने पर उसकी जिम्मेवारी चौकीदारों पर ही लाद दी जाती है। वर्तमान थानेदार ने शोषण-अत्याचार की हद कर दी है।

दफादार व चौकीदार संघ के जिलाध्यक्ष अनंत सिंह ने कहा कि सरकार का आदेश है कि चौकीदार संवर्ग के कर्मियों को केवल बीट डियूटी लगाने का आदेश दिया गया था। लेकिन थानेदार द्वारा सारे आदेश ताख पर रखकर मनमाने ढंग से कभी डेस्क डियूटी तो कभी कैदी स्कॉर्ट डियूटी लगा दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि वे लोग सबसे नीचे तबके होने के कारण जुबान खोलने में असमर्थ रहते है। इसको लेकर अंचलाधिकारी को सभी चौकीदार के द्वारा एक ज्ञापन भी दिया है। साथ ही जिलाधिकारी को भी रजिस्ट्री के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है।

दफादार चौकीदार संघ के अध्यक्ष अनंत सिंह ने बताया कि रविवार को दोपहर 12 बजे थाना परिसर मंदिर थानेश्वर नाथ मंदिर के पास सारा चौकीदार हाजिरी लगाने के लिए बैठा था। तभी थानेदार आये और सभी चौकीदार और दफादार के साथ गाली गलौज करने लगे। तरह-तरह की धमकियां देने लगे। जिससे वे लोग काफी सहमे-डरे हुए हैं।

चौकीदार व दफादार संघ के अध्यक्ष अनंत सिंह ने थानेदार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चौकीदार व दफादार की गोपनीय सूचना को भी थानेदार अनदेखी कर देते हैं। जबकि सरकार द्वारा शराब व जमीनी विवाद से संबंधित मामला को चौकीदार पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। लेकिन चौकीदार व दफादार के द्वारा दिया गया सूचना पर भी थानेदार द्वारा टालमटोल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि उन लोगों को बैंक डियूटी, डाक व कैदी स्कॉर्ट में डियूटी लगा दिया जाता है। हद तो तब हो जाती है कि डाक डियूटी में भी बिहार हो या हिलसा आने जाने के लिए खुद के पैसे से भाड़ा देना पड़ता है।

बिहार सरकार के अवर सचिव गिरीश मोहन ठाकुर ने पत्र संख्या 1/चौ0-90-10/2014गृ.आ. 9843 के पत्रांक से जिला पदाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि बिहार चौकीदार सम्बर्ग के कर्मियों को प्रायः डाक डियूटी, कैदी स्कॉर्ट डियूटी, बैंक डियूटी व निजी आवास डियूटी पर लगा दिया जाता है।

इससे ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब का निर्माण, बिक्री तेजी से हो रहा है। इसलिए चौकीदार को बीट डियूटी छोड़कर अन्य डियूटी में नही लगाया जाय। जिससे चौकीदार का शराब बंदी  जैसे महत्पूर्ण दायित्व का निर्वहन कर सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.