गृह विभाग का निर्देश- ‘चौकीदार-दफादारों से मनमानी कार्य न ले थानेदार, अब सिर्फ करेंगे बीट ड्यूटी’

अब बिहार के चौकीदार-दफादार से नियम विरूद्ध कार्य लेने पर गृह विभाग हरकत में आ गया है। राज्य के सभी डीएम-एसपी को पत्र भेजकर उनसे डाक, कैदी स्कॉट, बैंक ड्यूटी और थानेदारों की निजी ड्यूटी पर रोक लगाने का निर्देश दिया है…”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। मानवाधिकार आयोग के दखल के बाद हरकत में आते हुए गृह विभाग ने चौकीदार संवर्ग के कर्मियों से सिर्फ बीट ड्यूटी लेने का निर्देश दिया है। जिसका अनुपालन डीएम-एसपी को करना है।

गृह विभाग के अवर सचिव गिरीश मोहन ठाकुर की ओर से ऐसा निर्देश जारी कर चेतावनी दी गई है कि चौकीदार-दफादारों से इस तरह का कार्य न लिया जाए। इससे पहले मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जाहिर की थी।

बिहार राज्य चौकीदार-दफादार पंचायत ने संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखकर शिकायत की गई थी कि उनसे कई प्रकार के गैर सरकारी काम लिए जा रहे, जो उनकी नियमावली के खिलाफ है। यहाँ तक कि पुलिस कर्मियों की तरह उनका  तबादला तक किया जा रहा है।

चौकीदार-दफादार संघ का कहना है कि चौकीदार संवर्ग के कर्मियों का दायित्व है कि अपने पदस्थापन बीट की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी रखना है।

किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों अथवा अपरिचित संदिग्ध लोगों पर नजर रखना उनके प्रवेश की सूचना अपने थानेदार को देना है। साथ ही अपने क्षेत्र में अवैध शराब का भंडारण, वितरण तथा उपभोग पर पूरी तरह नियंत्रण रखने की जवाबदेही है।

इस आवेदन के आलोक में गृह विभाग के अवर सचिव गिरीश मोहन ठाकुर ने विभागीय परिपत्र संख्या-9843 दिनांक -18.12.2017 को सभी डीएम-एसपी को लिखें पत्र में निर्देश जारी किया कि चौकीदार संवर्ग कर्मियों से डाक ड्यूटी, कैदी स्कॉर्ट,बैंक ड्यूटी, थानेदार की निजी कार्यों से मुक्त कर उन्हें अपने क्षेत्र में रहने और अपने कर्तव्यों को निर्वहन करने दिया जाए, जिससे की वे अपने निर्धारित दायित्व के साथ शराब बंदी जैसे महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन कर सकें।

गृह विभाग के अवर सचिव ने मानवाधिकार आयोग के फैसले का हवाला देते हुए डीएम-एसपी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लिखा कि विभागीय परिपत्र संख्या -9136 दिनांक – 01.11.2019  जिसके वाद संख्या BHRC/comp.2487/2013में मानवाधिकार आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने की बात कही है।

जहाँ मानवाधिकार आयोग ने निर्देश दिया था कि किसी भी परिस्थिति में चौकीदारों का कैदियों को थाना से न्यायालय लाने एवं ले जाने का दायित्व नहीं रहेगा। क्योंकि दप्रस  में उक्त कार्य के लिए पुलिस को शक्ति प्रदान किया गया है।

गृह विभाग के अवर सचिव श्री ठाकुर ने स्पष्ट निर्देश सभी डीएम-एसपी को दिया है कि चौकीदारों की नियुक्ति उनके आवासीय थाना क्षेत्र के बीट में की जाएं।साथ ही सामान्यतः उनका स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

अवर सचिव का स्पष्ट निर्देश है कि बिहार चौकीदार संवर्ग के कर्मियों को दिनांक 01.01.1990 के प्रभाव से सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है। चूँकि चौकीदार संवर्ग के कर्मी वर्तमान सरकारी सेवक हैं अतएव अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति इन्हें भी उपस्थिति पंजी में स्वयं उपस्थिति दर्ज करना है।

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