गुंडागर्दीः नालंदा इंजीनियरिंग काॅलेज में रैंगिग के बाद 6 छात्रों पर FIR

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चंडी (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। नालंदा इंजीनियरिंग काॅलेज में छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प मामले में काॅलेज के छह छात्रों पर गाज गिरी है।रैगिग के आरोप तथा मारपीट के आरोप में काॅलेज के प्रिंसिपल ने छह छात्रों पर चंडी थाना में एफआईआर दर्ज करायी है।

सनद रहे कि मंगलवार को नालंदा काॅलेज परिसर में छात्रों के दो गुटों के बीच हुए आपसी विवाद के बाद हुए हिंसक झड़प में लगभग 18  छात्र घायल हो गए थे।

इस मामले को लेकर एंटी रैगिग सेल से शिकायत मिलने के बाद हिलसा एसडीओ,एसडीपीओ,चंडी बीडीओ तथा सीओ तथा रैगिग समिति के सदस्यों ने अस्पताल, काॅलेज हाॅस्टल जाकर  छात्रों के बीच हुए मारपीट को लेकर मामले की जांच की।

इस मामले में खुलासा हुआ कि द्वितीय सेमेस्टर के एक छात्र को सीनियर छात्रों ने बेल्ट नहीं पहनने की हिदायत दी थी।इस मामले को लेकर कहासुनी हो गई ।

इस घटना के बाद जूनियर छात्रों का एक गुट जो हाॅस्टल से बाहर रहता है।लगभग 50 की संख्या में जूनियर छात्र पहुँच कर हाॅस्टल में सीनियर छात्रों के साथ मारपीट की।

इस घटना में कई जूनियर छात्र घायल हो गए।जूनियर छात्रों के द्वारा हाॅस्टल में आकर सीनियर छात्रों के साथ मारपीट करना सीनियर छात्रों को नागवार लगा।सीनियर छात्रों ने भी अपनी एकजुटता दिखाते हुए हाॅकी, विकेट -बल्ले तथा बाॅक्सर से लैस होकर जूनियर छात्रों की पिटाई शुरू कर दी।

यहाँ तक कि इलाज करा रहे छात्रों को भी अस्पताल में घुसकर पिटाई शुरू कर दी थी।जब यहां भी मन नहीं भरा तो छात्रों ने चंडी के कई मकानों में घुसकर जूनियर छात्रों को पीटा।उन्होंने बाजार में भी भारी हंगामा किया ।बाद में पुलिस द्वारा खदेडे जाने के बाद छात्रों का बबाल खत्म हुआ ।

एंटी रैगिग सेल की जांच में पता चला कि इस विवाद की पृष्ठभूमि कुछ और थीं ।रैगिग तो बहाना था।नालंदा इंजीनियरिंग काॅलेज के छात्र टेक्निक फेस्ट में भाग लेने एनआईटी जमशेदपुर गए हुए थें ।जहाँ छात्रों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था ।जिसकी परिणति में उक्त घटना हुई  ।

काॅलेज के प्राचार्य सीबी महतो ने चंडी थाना में छह छात्रों के खिलाफ रैगिग और मारपीट के आरोप में एफआईआर दर्ज करायी थी।

जिन छात्रों पर केस दर्ज हुआ है उनमें मुरारपुर हिलसा के अभिषेक भारती, भगवान पुर चौक छपरा के सोनू ,गोपालपुर लखीसराय के संजीव कुमार, बडगांव कोंच गया के प्रभात कुमार के अलावा द्वितीय सेमेस्टर के केपरा गया के किसलय तथा शेखपुरा के अभिजीत केसरी शामिल है।

अब सवाल यह उठता है कि जब नालंदा इंजीनियरिंग काॅलेज में सुरक्षा गार्ड मौजूद है तो ऐसी स्थिति में बाहर से जूनियर छात्र काॅलेज में लाठी डंडे लेकर पहुँचे कैसे ।

वहीं लगभग सौ की संख्या में सीनियर छात्र अपने हाथों में हाॅकी स्टिक तथा बैट बल्ले लेकर हंगामा करते हुए बाहर कैसे निकले तथा उनके द्वारा जूनियर छात्रों की बर्बरतापूर्वक पिटाई की गई।वही छात्रों द्वारा बाजार में हंगामा करने  की खुली छूट्ट किसने दी।

काॅलेज में जब हाॅकी खेल की व्यवस्था नहीं है तो छात्रों के हाथ में हाॅकी स्टिक कहाँ से आएं।यह सवाल भी उठना लाजिमी है।काॅलेज प्रबंधन द्वारा काॅलेज छात्रावास में  छापेमारी भी  नहीं की जाती है। जिससे  काॅलेज के छात्रों का हौसला बढ़ता  है।

छात्र अपने हाॅस्टल में हाॅकी स्टिक, राॅड, बैट बल्ले और पंजे इकट्ठा कर रखते हैं ताकि छात्रों के बीच अगर मारपीट हो जाए तो इन सामानों का इस्तेमाल कर सकें ।काॅलेज प्रशासन को भी इसकी जांच करनी चाहिए कि छात्रों के बीच ऐसे सामग्री आते कहाँ से हैं ।

नालंदा इंजीनियरिंग काॅलेज में हाॅस्टल के अलावा सैकड़ों छात्र चंडी बाजार में किराएदार के रूप में रह रहे हैं ।लेकिन काॅलेज प्रशासन के पास उन मकान मालिकों का नाम नहीं है जहाँ छात्र किराएदार के रूप में रहते हैं ।

जिस तरह से सीनियर छात्रों ने घरों में घुसकर जूनियर छात्रों की पिटाई की उससे सवाल उठता है कि आखिर किसी छात्र के साथ कोई अनहोनी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता ।

काॅलेज प्रशासन को चाहिए कि उन छात्रों और मकान मालिकों के नाम पते भी अपने पास रखें ताकि भविष्य में छात्रों के साथ कोAई परेशानी न हों।

इधर सीनियर छात्रों के भय से कई जूनियर छात्र अपने घर चलें गए हैं ।अभी भी तीन छात्रों का इलाज पटना में चल रहा है।इस घटना के बाद से छात्रों के दोनों गुटों के बीच तनाव व्याप्त है।

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