खतरनाकः रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर अग्नि-हवन, सांसद-विधायक भी पहुंचे!

यूँ तो शुद्ध हवा और वातावरण शुद्धिकरण के लिये सरकार से लेकर आमलोग प्रयास करते हैं, लेकिन आजकल राजगीर रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर अजीबोगरीब मामला देखने को मिल रहा है………………”

राजगीर (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)।  राजगीर रेलवे स्टेशन के प्रबंधक मंतोष कुमार मिश्रा के द्वारा रेलवे प्लेटफॉर्म पर ही विश्व पर्यावरण संतुलन संरक्षण एवं सर्वत्र सुख शांति के लिए कुछ महीनों से महाहवन का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस हवन के धुँए से आम यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे प्रबंधक मंतोष मिश्रा इस तरह के आयोजन कर पुरोहितों, पंडितों से वैदिक मंत्रोच्चार करवा कर सभी को पर्यावरण शुद्धिकरण का संकल्प दिलवाते हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म से गुजरते या रुके हुए यात्रियों को  इस धुँए से काफी परेशानी होती है। जिसकी समझ शायद आयोजको को नही है।

जबकि रेलवे मंडल ने सख्त हिदायत दी है कि किसी प्रकार की ज्वलनशील पदार्थ स्टेशन प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखना चाहिए, लेकिन जब सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

गौरतलब है कि पानीपत रेलवे स्टेशन पर विगत 9 जुलाई को आग की हल्की चिंगारी ने प्लेटफॉर्म परिसर को आग के हवाले कर दिया। जिस पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया था।

इस बाबत उतर रेलवे दिल्ली मंडल के पीआरओ अजय माइकल के अनुसार रेलवे ने सभी मंडलो से स्टेशन परिसर पर से ज्वलनशील पदार्थो से सम्बंधित किसी भी वस्तु और खान पान की व्यवस्था को परिसर के बाहर रखने का आदेश दिया था।

लेकिन राजगीर जो कि पूर्व मध्य रेलवे मंडल में है। वहां की यात्री सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे है। तभी तो प्लेटफॉर्म पर हवन कर मंत्रोच्चार कर सुख शांति की कामना की जाती है।

आश्चर्य की बात है कि आज महाहवन आयोजन में नालन्दा के सांसद कौशलेंद्र कुमार एवं राजगीर विधायक रवि ज्योति भी अपने लाव-लश्कर के साथ शामिल होने से नहीं चूके।

प्लेटफॉर्म के एक किनारे पर अरबो की खड़ी ट्रेन, प्लेटफॉर्म पर आराम फरमाते रेलवे यात्री और एक किनारे में हवन का अग्निकुंड और इसका धुँआ, रेल यात्रियों को किस प्रकार शांति पहुंचा रहा है, यह समझ से परे है। लेकिन वातावरण शुद्धिकरण के नाम पर धुंआ फैलाना रेल यात्रियों के सुरक्षा हित मे नही है।

रेलवे सूत्र बताते है कि स्टेशन प्रबंधक के इस तरह के क्रियाकलाप से आम यात्रियों को काफी परेशानी होती है। लेकिन प्रबंधक पर समाजसेवा का भूत सवार है, जिस कारण वे किसी की सुनते भी नही।

वातावरण शुद्धिकरण में हवन का महत्व कितना है। यह तो धर्म और विज्ञान के बीच का विषय है, लेकिन थोड़ी सी समझदारी वाला इंसान भी यह ज़रूर समझेगा कि रेलवे स्टेशन परिसर पर आग और धुँआ कतिपय कारणों से उचित नहीं है।

बहरहाल, राजगीर रेलवे से दैनिक सफर करने वाले कुछ यात्री इसकी शिकायत मंडल कार्यालय से भी किये है। अब देखना है कि अग्नि-हवन कार्यों के जरिए स्टेशन परिसर में भारी-जानमाल के नुकसान की प्रबल आशंका के बीच लापरवाह प्रबंधक के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। 

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