……और हत्या के बाद शव को लेकर पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट गए

हाथापाई के बाद पुलिस के होश फाख्ता हो गए और पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना मुख्यालय को दी……..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क (दीपक विश्वकर्मा)। बिहारशरीफ सदर अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया जब गोली लगने से मौत हुई व्यक्ति के शव को लेकर परिजन अचानक पुलिस के सामने भागने लगे।

जैसे ही पुलिस की नजर शव लेकर भागते लोगों पर पड़ी, पुलिस ने पीछा किया और उसे रोकने की कोशिश की। मगर वे लोग नहीं माने और पुलिस से बीच सड़क पर हाथापाई शुरू कर दी।

हाथापाई के बाद पुलिस के होश फाख्ता हो गए और पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना मुख्यालय को दी।  सूचना मिलते ही डीएसपी लहेरी और बिहार थाने कि पुलिस सड़कों पर आ गई और शव को रोकने की कोशिश की।

मगर वे लोग शव को लेकर सीधे जिला समाहरणालय पहुंच गए और डीएम ऑफिस के बाहर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। 

बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन फिर शव को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे।  इस पूरे प्रकरण में पुलिस के पसीने छूट गए।

दरअसल, मृतक मुन्नी यादव अपनी पत्नी के साथ केशरी विगहा गांव से बिहार शरीफ कोर्ट गवाही देने आ रहे थे, इसी उसी दौरान उसके चचेरे भाई नेता यादव ने छबिलापुर थाना इलाके के सतोखरी गांव के समीप मुन्नी को खदेड़ कर पकड़ लिया और फिर उसे सात गोलियां दाग मौत के घाट उतार दिया।

परिजनों का कहना है कि पूर्व से ही नेता यादव से मुन्नी का जमीनी और चुनावी विवाद  चल रहा था। मृतक अपने भाई को पंचायत चुनाव लड़वाता था उसमे  मृतक मुन्नी यादव सहयोग करता था।

इस बात से उसका चचेरा भाई नेता यादव आक्रोशित था। आज जब मृतक कोर्ट के काम से बिहार शरीफ आ रहा था, इसी बीच यह घटना घटी।

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