उषा मार्टिन एकेडमी प्रबंधन के खिलाफ 420 का मुकदमा

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usha martin studentसिर्फ दैनिक भास्कर में छपी खबर !

रांची। गढ़वा के मझिआंव थाना के बकोईया गांव निवासी सूरज प्रकाश पाठक ने उषा मार्टिन एकेडमी (जिमखाना क्लब परिसर, दीपाटोली) के खिलाफ रेग्युलर कोर्स के नाम पर डिस्टेंस कोर्स का सर्टिफिकेट जारी कर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस संबंध में सूरज ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने एकेडमी के प्राचार्य वीके पांडेय, विनय कुमार सिंह, कमलेश जालुका, चंदन मुखर्जी, कृष्णतेंदु घोषाल और कॉलेज के व्यस्थापक सोम भास्कर के अलावा संस्थान के प्रबंधक प्रशांत झंवर, ब्रजकिशोर झंवर, राजीव झंवर, बसंत झंवर सहित अन्य के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सदर के इंस्पेक्टर भोला प्रसाद सिंह ने बताया कि यह प्राथमिकी (कांड संख्या 0247-16 दिनांक 16.6.16) भादवि की धारा 406, 420, 120 बी के तहत दर्ज की गई है। इस कांड का अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को बनाया गया है। तहकीकात शुरू कर दी गई है।

usha martin certificateसूरज ने बताया कि डिस्टेंस कोर्स का एडमिट कार्ड देखकर छात्रों ने विरोध भी किया था। एकेडमी के प्राचार्य सहित अन्य सदस्यों ने बताया था कि रेग्युलर की पढ़ाई समाप्त होने के बाद सभी को प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। प्राथमिकी में सूरज ने आरोप लगाया है कि रेग्युलर पाठ्यक्रम सत्र 2011 से 2014 तक के लिए था, लेकिन कोर्स 2015 में समाप्त कराया गया, जिससे उनकी एक साल की अवधि बर्बाद हुई।

कोर्स फीस के रूप में उन्होंने अन्य छात्रों की तरह 1.40 लाख रुपए का भुगतान किया, जबकि रांची में रहने और खाने में ढाई लाख खर्च हुए। 2015 में कॉलेज की ओर से उन्हें रेग्युलर नहीं, बल्कि डिस्टेंस कोर्स का सर्टिफिकेट दिया गया।

डिस्टेंस कोर्स का सर्टिफिकेट लेकर जब वह इंटरव्यू के लिए एक्सिस बैंक गए, तो बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट कह दिया कि बैंक में डिस्टेंस कोर्स वालों को नौकरी नहीं दी जाती है। सूरज ने बताया कि सैकड़ों छात्रों से ऐसी धोखाधड़ी हुई है।

दर्ज प्राथमिकी में छात्र सूरज प्रकाश पाठक ने आरोप लगाया है कि उसके साथ ही अन्य छात्रों से रेग्युलर कोर्स के नाम पर एक षडयंत्र के तहत धोखाधड़ी की गई।

उनका आरोप है कि नामांकन के वक्त उन्हें बताया गया था कि एकेडमी रेग्युलर कोर्स कराती है, जिसके आधार पर तुरंत नौकरी मिल जाती है।

उस वक्त एकेडमी के प्रिसिंपल सहित अन्य सदस्यों ने बताया था कि उषा मार्टिन एकेडमी बहुत अच्छा कॉलेज है और यहां किसी तरह का धोखा नहीं होता है।

दर्ज प्राथमिकी में सूरज ने बताया है कि 19 अगस्त 2011 को उसने 40 हजार रुपए का भुगतान कर बीबीए रेग्युलर कोर्स में नामांकन कराया। नामांकन के बाद रेग्युलर क्लास करता रहा। छह माह क्लास करने के बाद कॉलेज स्तर पर एडमिट कार्ड भी दिया गया, लेकिन एडमिट कार्ड देखकर हम चौंक गए। क्योंकि उस पर डिस्टेंस कोर्स का जिक्र था।

(साभार खबरः  दैनिक भास्कर, रांची)

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