इस संदिग्ध चोरी में छुपे हैं शिक्षक फर्जीबाड़ा और कई बड़े घपले का राज

अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी तो प्रखंड में शिक्षकों के फर्जी नियोजन का एक बड़ा खुलासा सामने आ सकता है।  साथ ही वे चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं जो फर्जी शिक्षकों के नियोजन में भागीदार बने हुए हैं…..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। सीएम नीतीश कुमार के नालंदा जिले के चंडी प्रखंड के शिक्षकों के भविष्य की कीमत एक कौड़ी की भी नहीं है। तभी तो प्रखंड के नियोजित शिक्षकों की डिग्री और फोल्डर एक ऐसे खंडरनुमा जर्जर इमारत में पिछले कई साल से पड़ी थी। जहाँ कोई चोर भी झांकने नहीं जा सकता है।

लेकिन पिछले दिनों इसी खंडरनुमा इमारत से शिक्षकों के फोल्डर उनकी भुगतान पंजी के साथ पंचायतों में छीटे गए लाखों-करोड़ों की विकास योजनाओं की खर्च राशि की अचानक चोरी हो जाना लोगों को पच नहीं रहा है।

पंचायत सेवक द्वारा थाना में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में जांच करने पहुँचे चंडी पुलिस  निरीक्षक और थानेदार भी अंचभे में है कि आखिर इस जर्जर इमारत में चोर चोरी करने क्यों आएगा? अब चोर धन दौलत छोड़ कर कागजात और दस्तावेज की चोरी करने लगें हैं?  जरूरत है एक उच्च स्तरीय जांच की ताकि दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकें।

पिछले दिनों चंडी प्रखंड कार्यालय के परिसर के बाहरी हिस्से में बने एक जर्जर इमारत से चोरों के द्वारा  कई महत्वपूर्ण कागजात की चोरी की एक प्राथमिकी सिरनामा और नरसंढा पंचायत के पंचायत सेवक अरविंद कुमार ने चंडी थाना में दर्ज करायी थी। जिसमें कहा गया कि चोरों ने खिड़की तोड़कर कमरे में रखे शिक्षकों के भुगतान पंजी, उनका फोल्डर तथा विकास योजनाओं की पंजी चोरों ने चुरा लिया।

कागजात की चोरी को गंभीरता से लेते हुए आरक्षी निरीक्षक शेर सिंह तथा थानेदार मुकेश कुमार खंडनुमा इमारत में जांच को पहुँचे तो भवन की हालत देखकर स्तब्ध रह गए। जहाँ जाने में ही रूह कांप जाए वहाँ से कागजात की चोरी चोर कैसे कर लेगा।

 चंडी प्रखंड के कई पंचायतों में शिक्षकों के नियोजन सवालों के घेरे में रहा है। कई पंचायतों में शिक्षकों के फोल्डर तक गायब है।

पिछले दिनों बीडीओ विशाल आनंद ने सिरनामा पंचायत में पांच फर्जी शिक्षकों के खिलाफ जांच को लेकर प्रतिवेदन बीईओ को महीनों पहले भेज चुके हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि बीडीओ का उक्त लेटर बीईओ के टेबल तक पहुँचा ही नहीं।

पंचायत सेवक अरविंद कुमार के द्वारा भी बताया गया है कि सिरनामा पंचायत से जुड़े कागजात या तो चोरी हो गए या नष्ट कर दिए गए। वही नरसंढा पंचायत के भी कागजात चोरी चले गए हैं।

हमारे विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि अरविंद कुमार जिन पंचायतों के प्रभार में रहे हैं वहाँ शिक्षकों के नियोजन में काफी गड़बड़ी हुई है। फर्जी बहाली की भी शिकायत मिली है। लेकिन पंचायत सेवक अपने बचाव में हर बार अपने फर्जी हस्ताक्षर का हवाला देकर बच निकलते हैं। सिरनावा पंचायत से संबंधित दस्तावेज गायब होना कहीं न कहीं फर्जी शिक्षकों के बचाव के लिए साजिश भी रची जा सकती है।

पिछले दिनों प्रखंड के दो शिक्षकों का टीईटी प्रमाण पत्र भी गायब होने की सूचना मिली थी। इस पूरे मामले में कहीं न कहीं विभागीय लोगों की मिलीभगत से इंकार नही किया जा सकता है।

वहीं दूसरी ओर प्रखंड कार्यालय के जिस खंडरनुमा इमारत से सरकारी दस्तावेजों की चोरी हुई है, उनमें विकास निधि से संबंधित कागजात भी है। पंचायतों में छीटे गए लाखों करोड़ों के विकास योजनाओं की राशि से संबंधित एमबी पुस्तिका की भी चोरी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अब देखना है कि चंडी पुलिस इस चोरी के मामले को कैसे सुलझाती है। इस मामले में एक उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है। अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी तो प्रखंड में शिक्षकों के फर्जी नियोजन का एक बड़ा खुलासा सामने आ सकता है। साथ ही वे चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं जो फर्जी शिक्षकों के नियोजन में भागीदार बनें हुए हैं।

सबसे बड़ा सवाल कि इस रहस्यमय चोरी मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी या फिर अन्य मामलों की तरह इस यह कथित घटना भी ठंडे बस्ते में पड़ी रहेगी।

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