इस कर्मचार को अगले भ्रष्टाचार का इंतजार !

बिहार शरीफ स्थित नालंदा समाहरणालय भवन परिसर में कई उत्पेरक होर्डिंग-बोर्ड लगे हैं। एक ऐसा ही बोर्ड काफी लंबे अरसे से ‘भ्रष्टाचार रोकने में मदद करें’ की अपील का लगा है….

इस बोर्ड में कर्मचारी की जगह कर्मचार लिखा है। यह फ्रूफ रीडर की समस्या है। लेकिन भ्रष्टाचार की अपील बोर्ड का विश्लेषण करें तो इसमें खुद भ्रष्टाचार की बू आती है। क्योंकि इसे लगाने के वक्त ऐसी त्रूटिपूर्ण लेखन पर अफसरों का ध्यान नहीं गया होगा, असंभव है।

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज ने पहले भी इस परिसर में लगे कई ऐसे होर्डिंग-बोर्ड की ओर पूर्व डीएम डॉ. त्यागराजन एसस एम का ध्यान आकृष्ट कराया था, लेकिन उनकी ओर से इस ओर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। शायद उनका हिंदी भाषी न होना एक बड़ी समस्या रही।

आज एक पाठक ने फिर अनेक तस्वीरें भेजी है। उसमें कर्मचार वाली तस्वीर भी ज्यों का त्यों मुंह चिढ़ा रही है। समाहरणालय में पदस्थ एक अफसर बाबू का ध्यान जब इस ओर दिलाया गया तो उनका कहना था कि अगले टेंडर में सुधर जाएगा। उनके अगले टेंडर की बात ही सब उकेर जाती है।

दरअसल, ऐसे बोर्ड-होर्डिंग पर प्रशासन द्वारों हरेक साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं और उसकी छपाई में एक बड़ा गोरखधंधा होता है।

जाहिर है कि इस दौरान उसकी क्वलिटी पर ध्यान नहीं जाता। कोई अशुद्धि भी रह जाए तो उसे बदलना टेढ़ी खीर है। क्योंकि उसका भुगतान कर दिया गया होता है और यह ‘खेला’ अनवरत जारी रहता है।

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