आज बिहार में सभी सस्पेंड पुलिसकर्मी होंगे बहाल!

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यदि किसी गंभीर मामले में निलंबित किया है अथवा वेतन रोका है, तो विभागीय कार्यवाही कर बहाल और वेतन दें। इस आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट शुक्रवार की शाम को पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी…..”

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। जिलों में पुलिसकर्मियों को मामूली बातों पर निलंबित करने या उनके वेतन रोकने की मनमानी पर मुख्यालय ने रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। छोटी- छोटी बातों पर निलंबित पुलिसकर्मियों को बहाल करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर दिया है।

अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने गुरुवार को प्रदेश के सभी एसएसपी, एसपी और एसपी रेल को आदेश दिया है कि वह 11 जनवरी को जिला पुलिस केंद्र पर दिन भर बैठें और जिले भर के निलंबित और वेतन से वंचित पुलिसकर्मियों के मामलों का निस्तारण करें।

एडीजी ने अपने पत्र में कहा है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी निलंबित हैं। पुलिस मैन्युअल के अनुसार किसी को भी दंड के रूप में निलंबित नहीं किया जा सकता है। निलंबित करने का उद्देश्य केवल यह है कि अधिकारी के विरुद्ध जांच भली भांति हो सके, इसलिए निलंबन का आदेश ध्यानपूर्वक दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद कई पुलिसकर्मियों को छोटे-छोटे आरोपों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन के मामलों में समय से निर्णय भी नहीं लिया जा रहा है। इससे जिलों में बल की कमी हो जा रही है। जिसका प्रभाव कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है। एडीजी ने आदेश दिया है कि सभी, एसएसपी, एसपी, एसपी रेल ने कितने पुलिसकर्मियों को निलंबन से मुक्त किया। कितने को वेतन मुक्त किया इसकी रिपोर्ट प्रभारी डीएसपी पुलिस महानिदेशक नियंत्रण कक्ष के माध्यम से एडीजी को देंगे।

एडीजी ने रेल सहित सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को शुक्रवार को जिला पुलिस लाइन में जाने का आदेश दिया है। वहां अधिकारी पुलिसकर्मियों के निलंबन और वेतन रोकने के मामलों की समीक्षा करेंगे। यदि आरोप गंभीर प्रकृति के नहीं हो तो विभागीय कार्यवाही का प्रारूप गठित कर उन्हें निलंबन मुक्त करेंगे।

वहीं वेतन रोकने के मामलों में भी पुलिस लाइन में ही निर्णय लिया जाएगा। यदि गंभीर आरोप में वेतन रोका गया है तो भी विभागीय कार्यवाही का आरोप गठित कर संबंधित पुलिस अफसर या जवान के वेतन को मुक्त करने का आदेश जारी करेंगे।

एडीजी मुख्यालय के इस निर्देश का बिहार पुलिस एसोसिएशन और मेंस एसोसिएशन ने स्वागत किया है। पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह और मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार धीरज ने कहा कि यह सराहनीय पहल है। फील्ड में तैनात कनीय पुलिस अफसर और जवानों को मामूली बातों पर निलंबित कर दिया जाता है या उनका वेतन रोक दिया जाता है। इससे वह आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान होते हैं।

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