आखिर कब होगा आतंक के इस पर्याय का अंत !

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“रंगदारी नहीं देने पर अब तक की है दर्जनों हत्याएं, बीते 26 मई को कर दी एक कंपनी गार्ड की हत्या, बाद में एसआईटी ने किया बरही से दबोचा, हुए थे असलहे, कारतूस व फार्चूनर कार बरामद……….”

पटना/फतुहां/खुशरुपुर। पटना जिला के फतुहां थाना क्षेत्र के निवासी एक शातिर तथा नृशंस हत्यारे से फतुहां, खुशरुपुर सहित कई थाना क्षेत्र के निवासी व व्यवसायी वर्षों से दहशत में हैं।

रंगदारी की मांग को लेकर इस कुख्यात अपराधी तथा इसके गिरोह द्वारा हत्या की घटना को अंजाम देना बाएं हाथ का खेल है। हालांकि टुनटुन यादव उर्फ टुनटुन गोप नामक यह शातिर अपराधी, जो बीते 26 मई को एक दवा कंपनी के गार्ड की हत्या कर फरार होने की कोशिश में था, उसे एसआईकी टीम ने बरही में दबोच लिया।

हालांकि उसके साथ फार्चूनर कार में बैठे चार अपराधी फरार होने में सफल हो गए पर शराब के नशे में होने के कारण टुनटुन गोप भाग नहीं सका और फतुहां थानाध्यक्ष मनीष कुमार की अगुवाई में गठित एसआईटी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने उसकी गाड़ी से एक रायफल, एक पिस्तौल और कई जिन्दा कारतूस बरामद किए थे। कई जघन्य कांडों को अंजाम देने वाला टुनटुन गोप खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हुए प्रतिवर्ष लाखों रुपए अखबारों के विज्ञापन पर खर्च करता है।

अपने आतंक के बल पर ही उसने अपनी पत्नी रुपा देवी को फतुहा नगर परिषद का अध्यक्ष बनवा दिया और इस नगर परिषद में भी अप्रत्यक्ष रुप से टुनटुन यादव उर्फ टुनटुन गोप का ही वर्चस्व है।

पटना के बाकरगंज में स्थित एक दवा कंपनी एपेक्स एलीवेशन प्राईवेट लिमिटेड के निदेशक विनय कुमार ने बीते 19 मार्च को खुशरुपुर थाना में एक आवेदन देकर यह आरोप लगाया था कि इस थाना क्षेत्र अंतर्गत शेख मुहम्मदपुर (खुशरुपुर) फोरलेन के किनारे उनकी कंपनी जमीन खरीद दवा निर्माण हेतु कंस्ट्रक्शन का काम करा रही थी, तभी टुनटुन गोप और उसके शगिर्दो ने आकर 50 लाख की रंगदारी मांगी।

विरोध करने पर उन अपराधियों ने फायरिंग भी की। किसी तरह वो लोग जान बचाकर भागे। इस संदर्भ में खशुरुपुर थाने में प्राथमिकी (83/2019) दर्ज की गई। पर टुनटुन गोप जैसा अपराधी जिसे आजतक पुलिस का भय नहीं लगा ने बिना किसी डर के बीते 26 मई को सुबह लगभग 4 बजे  अपने पांच साथियों, जिसमें उसका अपना चचेरा भाई भी शामिल था, उसके साथ इस कंस्ट्रक्शन कंपनी के बन रहे फैक्ट्री पर धावा बोल कर अवधेश यादव नामक कंपनी गार्उ को गोलियों से छलनी कर दिया।

इस हत्या के बाद एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन के निदेश पर टुनटुन की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी की टीम का गठन किया गया। एसआईटी की टीम को पता चला कि टुनटुन गोप अपने साथियों के साथ फतुहां से फरार होकर झारखंड की तरफ निकला है

इसके बाद उसका पीछा कर उसे बरही में दबोच लिया गया। पर टुनटुन के अन्य साथी भागने में सफल रहे।

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार टुनटुन के निशाने पर अब इस कंपनी के निदेशक विनय कुमार है। सूत्रों के अनुसार टुनटुन ने जेल से ही अपने शागिर्दों को विनय कुमार को सबक सिखाने का फरमान जारी कर दिया है, जिससे विनय कुमार की जान तो खतरे में है।

विनय कुमार ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए ग्रामीण विकास मंत्री और पटना के ग्रामीण एसपी को आवेदन भी दिया है।

गौरतलब है कि टुनटुन गोप पर मादक पदार्थ अधिनियम सहित हत्या, रंगदारी सहित दर्जनों संगीन मामले चल रहे हैं।

विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि एसआईटी बरही में ही इस आतंक के पर्याय का अंत कर उसे ‘गंगा लाभ’ करने पहुंचा देती, पर बरही (झारखंड) थाना की पुलिस के मौके पर पहुंच जाने के कारण ऐसा हो नहीं सका।

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