अंततः अजातशत्रु किला मैदान में ‘राजगीर महोत्सव’ को यूं मिली हाई लेवल मंजूरी

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। बिहार पर्यटन विभाग  एवं  नालंदा जिला प्रशासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय  पर्यटन स्थल राजगीर  के अजातशत्रु किला मैदान में  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण निदेशालय की वगैर अनुमति उसके प्रावधानों की अवहेलहना कर तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम की लगभग तैयारी पूरी कर लेने के बाद  राजधानी पटना से लेकर नई दिल्ली तक ‘लोग’ पानी-पानी दिखे।

बिल्कुल हाई प्रोफाईल बने इस मामले को हाई लेवल पर निपटाते हुये भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अजातशत्रु किला मैदान में सशर्त कार्यक्रम करने की मंजूरी दे दी है।

हालांकि यह दीगर बात है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जिन शर्तों पर कार्यक्रम करने की अनुमति प्रदान की है, उसका घोर उल्लघंन किया जा चुका है। जैसा कि एक्सपर्ट मीडिया न्यूज.कॉम पर पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है।

आश्वस्त सूत्रों के अनुसार बिना अनुमति के संरक्षित व वर्जित अजातशत्रु किला मैदान क्षेत्र में बिहार पर्यटन विभाग और  नालंदा जिला प्रशासन  द्वारा मनमानी तरीके से कार्य करने को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक उषा शर्मा काफी शख्त रुख अख्तियार किये हुई थी।  इस संदर्भ में उन्होंने पटना सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद की जमकर क्लास भी ली थी।

लेकिन कहा जाता है कि इस मामले को लेकर पहले बिहार के मुख्य सचिव ने पीएमओ स्तर पर समस्या समाधान के रास्ते ढूंढें और जब बात नहीं बनी तो सीएम नीतिश कुमार  ने पीएमओ से लेकर विभागीय केन्द्रीय मंत्री स्तर पर पहल की। जिसके बाद बीते कल की तारीख से आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा अनुमति प्रदान की गई।

कहते हैं कि बिहार पर्यटन विभाग और नालंदा जिला प्रशासन द्वारा जिस तरह से  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण निदेशालय  द्वारा संरक्षित व वर्जित अजातशत्रु किला मैदान क्षेत्र में राजगीर महोत्सव कार्यक्रम की बिना विभागीय अनुमति के तैयारी की है, उससे सीएम नीतिश कुमार भी काफी क्षुब्ध हुये हैं और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसका ख्याल रखने को कहा है।

इस मामले को लेकर आज देर शाम तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण निदेशालय के पटना सर्किल से लेकर नई दिल्ली मुख्यालय तक कोई कुछ भी बोलने से कतराते रहे। पटना सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद ने जहां झुझुंला कर सीधे विभाग के महानिदेशक से बात करने को कहा।

वहीं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक उषा शर्मा ने पहले तो मीटिंग में होने के कारण तुरंत बाद रिकॉल करने की बात कही, उसके बाद से उनकी  मोबाईल स्वीच ऑफ रहा। शुरुआती बातचीत में वे इस मामले में काफी असहज लगी।

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